भोपालः सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम मंत्री चैतन्य काश्यप ने मंगलवार को आसीवीपी नरोन्हा प्रशासन अकादमी में आयोजित सिविल सेवा दिवस समारोह को संबोधित किया। इस अवसर पर मंत्री श्री काश्यप ने कहा है कि लोकहित कार्यों के बेहतर परिणामों के लिए लोक सेवाओं की गुणवत्ता में निरंतर सुधार होते रहना चाहिए। जिन्होने लोक सेवा का संकल्प लिया है उन्हें गहन चिंतन और निरंतर आत्मविश्लेषण की आवश्यकता होती है।

मंत्री श्री काश्यप ने कहा कि लोक सेवाओं को बेहतर बनाने के लिए नवाचार की आवश्यकता होती है। लोक महत्व की सेवाओं तक सभी हितग्राही लोगों की पहुंच आसान होना चाहिए। उन्होने कहा कि भारत की सिविल सेवा हर प्रकार से मजबूत है। वास्तविक अर्थ में इसका स्टील फ्रेम है। मंत्री ने कहा कि कोरोना संकट में कई देशों में प्रशासनिक सेवाओं के तंत्र चरमरा गये थे लेकिन भारत में पूरी दक्षता और क्षमता से सिविल सेवा तंत्र ने काम किया और सेवाएं दी। उन्होने कहा कि योग्यता, संस्कार और समर्पण के संगम से यह संभव हो पाया।

मंत्री श्री काश्यप ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व और मार्गदर्शन में विकसित भारत के निर्माण में मध्यप्रदेश निरंतर अपना योगदान देने के लिए तैयार है। आज मध्यप्रदेश बीमारू राज्य की श्रेणी से बाहर आकर विकासशील प्रदेश बन चुका है और तेजी से विकास कर रहा है। उन्होने कहा कि जन सुनवाई जैसी प्रशासनिक व्यवस्थाएं प्रभावी सिद्ध हुई हैं। मंत्री श्री काश्यप ने वर्ष 2024-25 के लिए नागरिक सेवा, शिक्षा एवं मानव संसाधन, सामाजिक समावेश और स्वास्थ्य एवं पोषण सेवा श्रेणियों में नवाचार और उत्कृष्ट सेवाओं के लिये नौ विभागों के अधिकारी-कर्मचारी और मार्गदर्शी लोकसेवकों को मुख्यमंत्री उत्कृष्टता पुरस्कार से सम्मानित किया।
इस मौके पर मुख्य सचिव अनुराग जैन ने लोक सेवकों को बधाई देते हुए कहा कि लोक सेवा दिवस आत्मपरीक्षण कर नये संकल्पों के साथ आगे बढ़ने का अवसर है। उन्होने कहा कि साढे नौ लाख अधिकारी-कर्मचारी “आई गाट पोर्टल” पर रजिस्टर हुए यह अत्यंत सराहनीय है। उन्होने कहा कि भूमिका आधारित प्रशासन प्रभावी होगा। मध्यप्रदेश 490 कोर्स के साथ अन्य प्रदेशों से आगे है। उन्होंने सभी अधिकारी-कर्मचारी को बधाई दी। उन्होने लोक सेवकों से आग्रह किया कि वे अपने कार्यव्यवहार में लोकहित को सर्वोच्च प्राथमिकता दें।
क्षमता विकास आयोग के पूर्व अध्यक्ष आदिल जैनुलभाई ने ‘कर्मचारी से कर्मयोगी’ विषय पर व्याख्यान देते हुए बताया कि अधिकारियों-कर्मचारियों की दक्षता बढ़ाने और क्षमता निर्माण में मध्यप्रदेश ने देश में प्रशंसनीय कार्य किया है। उन्होंने कहा कि 50 से ज्यादा विभागों की क्षमता निर्माण कार्ययोजनाएं बन चुकी हैं और 490 से ज्यादा हिन्दी में कोर्स आईगाट पोर्टल पर उपलब्ध है। अब अन्य राज्य भी मध्यप्रदेश में ऑनलाइन ट्रेनिंग मॉडल अपना रहे हैं।
नवाचारों के लिए मुख्यमंत्री उत्कृष्टता पुरस्कार में प्रत्येक को एक लाख रूपये की राशि और प्रशस्ति पत्र प्रदान किये गये। नागरिक सेवा प्रदाय सूचना प्रौदयोगिकी एवं सुशासन श्रेणी में गैर वन भूमि एवं जंगल से दूरी के प्रमाण पत्र ऑनलाईन जारी करने हेतु सॉफ्टवेयर का विकास, नवीनीकृत राजस्व अभिलेखागार एवं डिजिटल रिकॉर्ड लोकेशन प्रणाली, सामुदायिक पुलिसिंग को सशक्त बनाने हेतु “पुलिस चौपाल अभियान, बजट साहित्य के साथ नवाचार के रूप में वित्त विभाग द्वारा “मेरा बजट पुस्तिका” का प्रकाशन को पुरस्कृत किया गया।
अपर मुख्य सचिव सामान्य प्रशासन संजय दुबे ने सिविल सेवा दिवस के महत्व पर प्रकाश डाला। इस अवसर पर प्रशासन अकादमी के महानिदेशक सचिन सिन्हा और बड़ी संख्या में लोक सेवक उपस्थित थे। उप सचिव, मुख्यमंत्री सुधीर कोचर ने कार्यक्रम का संचालन किया। संचालक प्रशासन अकादमी मुजीबुर्रहमान खान ने आभार व्यक्त किया।