इस अवसर पर श्री पटवारी ने कहा कि बाबा साहब अंबेडकर को सच्ची श्रद्धांजलि तभी होगी जब हम उनके बताए रास्ते सामाजिक, राजनीतिक और आर्थिक समानता पर चलने का संकल्प लें।
इस अवसर पर श्री पटवारी ने कहा कि बाबा साहब अंबेडकर को सच्ची श्रद्धांजलि तभी होगी जब हम उनके बताए रास्ते सामाजिक, राजनीतिक और आर्थिक समानता पर चलने का संकल्प लें।
सामूहिक विवाह में हिन्दू, गोंडी और बौद्ध धर्म गुरूओं ने अपने अपने वैदिक संस्कारों के साथ विवाह संपन्न कराया।
इस पहल के तहत आंगनवाड़ी के 5 से 6 वर्ष आयु वर्ग के 6 बच्चों को विद्यारंभ प्रमाण-पत्र प्रदान किए गए, जिससे वे आंगनवाड़ी से विद्यालयीन शिक्षा की ओर कदम बढ़ा सकें।