Monsoon Session2025 : संसद का मानसून सत्र 21 जुलाई से औपचारिक रूप से शुरू हो गया है, जो 21 अगस्त तक चलेगा। इस बार कुल 21 बैठकें प्रस्तावित हैं, जिनमें कई महत्वपूर्ण विधेयकों पर चर्चा की जाएगी। सत्र की शुरुआत से ही सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी बहस और टकराव का माहौल बन गया है।
प्रधानमंत्री का उद्घाटन बयान
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सत्र की शुरुआत से पहले मीडिया को संबोधित करते हुए इसे “विजयोत्सव” बताया। उन्होंने कहा कि ‘ऑपरेशन सिंदूर’ की 100% सफलता ने दुनिया को भारत की सैन्य ताकत दिखाई है। साथ ही उन्होंने मानसून की अच्छी बारिश से कृषि और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मिल रहे लाभ का भी ज़िक्र किया। सरकार इस सत्र में जनहित से जुड़े कई विधेयक लाने की तैयारी में है।
विपक्ष का हमला और हंगामा
विपक्ष ने पहले दिन से ही सरकार को घेरने के लिए आक्रामक रणनीति अपना ली है। कांग्रेस नेता राहुल गांधी की उपस्थिति में विपक्ष ने “ऑपरेशन सिंदूर”, जम्मू-कश्मीर का राज्य दर्जा, महंगाई, बेरोज़गारी, बिहार वोटर लिस्ट (SIR), और ट्रम्प के सीजफायर दावे जैसे मुद्दों पर जोरदार हंगामा किया। विपक्ष की मांग है कि इन सभी मुद्दों पर प्रधानमंत्री स्वयं संसद में जवाब दें।
विधेयक और चर्चाएं
सरकार जिन विधेयकों को लाने जा रही है, उनमें डिजिटल डाटा संरक्षण विधेयक,
राष्ट्रीय सुरक्षा कानून में संशोधन, कृषि सुधार विधेयक, श्रम सुधार बिल शामिल हैं
इन विधेयकों पर व्यापक बहस की उम्मीद है, लेकिन विपक्ष के हंगामे के कारण कार्यवाही स्थगित की गई |
कार्यवाही का समापन और आगे की रणनीति
सत्र के पहले दिन का समापन काफी शोर-शराबे और हंगामे के बीच हुआ। कुछ मुद्दों पर संक्षिप्त चर्चा हुई, लेकिन विपक्ष की नाराजगी और सत्ता पक्ष की दृढ़ता के कारण सहमति बनती नहीं दिखी।