पटना: 16 मार्च को हुए राज्यसभा चुनाव के बाद से बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के इस्तीफे की चर्चाएं तेज हो गई हैं। राजनीतिक गलियारों में लगातार यह सवाल उठ रहा है कि क्या नीतीश कुमार मुख्यमंत्री पद छोड़कर राज्यसभा की राजनीति में नई पारी शुरू करने जा रहे हैं।
दरअसल, राज्यसभा चुनाव के दौरान नीतीश कुमार ने खुद संकेत दिया था कि उनकी इच्छा राज्यसभा सदस्य बनने की थी। इसी क्रम में जानकारी सामने आई है कि वे 10 अप्रैल को राज्यसभा सदस्य के रूप में शपथ ले सकते हैं, जिसके लिए वे 8 या 9 अप्रैल को दिल्ली रवाना होंगे।
सूत्रों के मुताबिक, शपथ ग्रहण के बाद नीतीश कुमार मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा देकर राज्यसभा की सदस्यता स्वीकार कर सकते हैं। हालांकि इस पर अभी तक कोई आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है, लेकिन सियासी हलचल तेज है।
राजनीति में लंबा अनुभव
नीतीश कुमार उन चुनिंदा नेताओं में शामिल हैं, जिन्होंने राजनीति के चारों सदनों में प्रतिनिधित्व किया है।
1985 में हरनौत से विधायक बने
1989 में लोकसभा सदस्य चुने गए
केंद्र में रेल मंत्री और कृषि मंत्री जैसे अहम पद संभाले
2005 से बिहार के मुख्यमंत्री के रूप में कई योजनाएं लागू कीं उनकी प्रमुख योजनाओं में शराबबंदी, साइकिल योजना और पंचायती राज में महिलाओं को 50% आरक्षण शामिल हैं।
सुरक्षा में होगा बड़ा बदलाव
अगर नीतीश कुमार मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा देते हैं, तो उनकी सुरक्षा व्यवस्था में भी बदलाव होगा। उन्हें Z+ सिक्योरिटी मिलती रहेगी
साथ ही नियम के अनुसार 5 साल तक SSG सुरक्षा भी मिलेगी यह व्यवस्था पूर्व मुख्यमंत्री के तौर पर दी जाती है।
बदल सकता है आवास
सीएम पद छोड़ने के बाद नीतीश कुमार को मुख्यमंत्री आवास (1 अणे मार्ग) खाली करना होगा। सूत्रों के अनुसार, वे 7 सर्कुलर रोड स्थित बंगले में शिफ्ट हो सकते हैं। हाल ही में उन्होंने इस बंगले का निरीक्षण भी किया है।
हालांकि अभी तक आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन यदि नीतीश कुमार राज्यसभा सदस्य बनने के बाद मुख्यमंत्री पद छोड़ते हैं, तो यह बिहार की राजनीति में एक बड़ा मोड़ साबित होगा।