भोपाल में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने मध्यप्रदेश सरकार की औद्योगिक विकास, निवेश, कृषि और रोजगार को लेकर बनाई गई रणनीति को विस्तार से साझा किया। उन्होंने कहा कि राज्य को देश के प्रमुख निवेश और औद्योगिक केंद्र के रूप में विकसित करने के लिए सरकार लगातार काम कर रही है।

मुख्यमंत्री ने बताया कि कपास उत्पादक किसानों को बेहतर लाभ दिलाने के उद्देश्य से सरकार ने कपास पर लगने वाले मंडी शुल्क में कमी की है। उनका कहना था कि इस निर्णय से कॉटन इंडस्ट्री को बढ़ावा मिलेगा और किसानों को अपनी उपज का बेहतर मूल्य प्राप्त होगा। इसके साथ ही अरहर और तुअर दाल के उत्पादन को बढ़ाने तथा किसानों की आय में सुधार के लिए भी सरकार ने कई महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं।

डॉ. मोहन यादव ने कहा कि प्रदेश में उद्योगों को प्रोत्साहन देने के लिए बीते एक वर्ष में एमएसएमई, उद्योगों और स्टार्टअप्स को लगभग 11 हजार करोड़ रुपये की सब्सिडी प्रदान की गई है। उन्होंने महिला सशक्तिकरण का उल्लेख करते हुए बताया कि मध्यप्रदेश में चार लाख से अधिक इकाइयों का संचालन महिला स्व-सहायता समूहों के माध्यम से किया जा रहा है, जिससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिल रही है।
मुख्यमंत्री के अनुसार सरकार का लक्ष्य प्रदेश के प्रत्येक जिले में औद्योगिक गतिविधियों का विस्तार करना है, ताकि स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर उपलब्ध हो सकें। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश तेज़ी से विकास के पथ पर आगे बढ़ रहा है और मध्यप्रदेश भी इस विकास यात्रा में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है।
उन्होंने जानकारी दी कि राज्य में अब तक 9,300 करोड़ रुपये का विदेशी निवेश प्राप्त हो चुका है और कई नई निवेश परियोजनाएं पाइपलाइन में हैं। इसके अलावा सात नए औद्योगिक क्षेत्रों का भूमिपूजन किया जा चुका है, जिससे आने वाले समय में औद्योगिक विकास को और गति मिलने की उम्मीद है।
मुख्यमंत्री ने यह भी घोषणा की कि अगली ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट भोपाल में आयोजित की जाएगी। साथ ही उन्होंने बताया कि वर्ष 2025-26 के दौरान मध्यप्रदेश को 20 नए जीआई (Geographical Indication) टैग प्राप्त हुए हैं, जो प्रदेश के पारंपरिक उत्पादों को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय पहचान दिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।
उन्होंने विश्वास जताया कि उद्योग, निवेश, कृषि और महिला उद्यमिता को साथ लेकर मध्यप्रदेश आने वाले वर्षों में आर्थिक विकास के नए आयाम स्थापित करेगा।