बालाघाट। मध्यप्रदेश शासन के निर्देशानुसार विश्व पर्यावरण दिवस (5 जून) से अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस (21 जून) तक संचालित विशेष अभियान के अंतर्गत विकासखंड बिरसा के नगर पालिका परिषद मलाजखंड परिसर में 18 जून को जनकल्याण शिविर का आयोजन किया गया। शिविर का उद्देश्य शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ पात्र हितग्राहियों तक पहुंचाना, लंबित आवेदनों एवं जन शिकायतों का त्वरित निराकरण करना तथा विभिन्न विभागों की सेवाएं एक ही स्थान पर उपलब्ध कराना रहा। शिविर में मध्यप्रदेश अनुसूचित जनजाति आयोग के सदस्य भगत सिंह नेताम, नगर पालिका अध्यक्ष मानसिंह मेरावी एवं नगर पालिका के पार्षदगण विशेष रूप से उपस्थित रहे।
आमजन की समस्याओं के समाधान पर रहा फोकस
अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) बैहर अर्पित गुप्ता के निर्देशन में आयोजित इस जनकल्याण शिविर का संचालन 11 जून, 13 जून और 18 जून 2026 को किया गया। शिविर में बड़ी संख्या में नागरिकों ने भाग लेकर अपनी समस्याओं, मांगों और आवश्यकताओं से संबंधित आवेदन प्रस्तुत किए।शिविर के माध्यम से विभिन्न विभागों द्वारा प्राप्त आवेदनों के निराकरण की प्रक्रिया शुरू की गई तथा हितग्राहियों को योजनाओं की जानकारी भी उपलब्ध कराई गई।
एक मंच पर पहुंचे कई विभाग
मुख्य नगर पालिका अधिकारी दिनेश बाघमारे ने बताया कि शिविर में राजस्व, पशुपालन, मत्स्य, विद्युत, महिला एवं बाल विकास, स्वास्थ्य, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी, पंचायत एवं सामाजिक न्याय, उद्यानिकी, कृषि, श्रम, नगरीय प्रशासन एवं विकास, खाद्य, जनजातीय कार्य तथा वन विभाग सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।इन विभागों द्वारा आम नागरिकों को योजनाओं की जानकारी देने के साथ-साथ पात्रता, आवेदन प्रक्रिया और विभिन्न शासकीय सुविधाओं के बारे में मार्गदर्शन भी प्रदान किया गया।
शासन की योजनाओं को घर-घर पहुंचाने का प्रयास
जनकल्याण शिविर का मुख्य उद्देश्य नागरिकों को एक ही स्थान पर विभिन्न विभागीय सेवाएं उपलब्ध कराना और उनकी समस्याओं का त्वरित समाधान सुनिश्चित करना रहा। इससे लोगों को अलग-अलग कार्यालयों के चक्कर लगाने से राहत मिली।प्रशासन का मानना है कि ऐसे शिविरों के माध्यम से शासन की योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने में मदद मिलती है और आमजन की समस्याओं का समाधान अधिक प्रभावी ढंग से किया जा सकता है।
प्रशासन ने की सहभागिता की अपील
प्रशासन ने नागरिकों से अपील की है कि वे शासन द्वारा संचालित विभिन्न योजनाओं का लाभ लेने के लिए ऐसे जनकल्याण शिविरों में सक्रिय भागीदारी करें और अपनी समस्याओं के समाधान के लिए उपलब्ध सेवाओं का उपयोग करें।जनकल्याण शिविर को आमजन और प्रशासन के बीच संवाद एवं सेवा वितरण का प्रभावी माध्यम माना जा रहा है, जिसके जरिए लोगों को शासन की योजनाओं से सीधे जोड़ा जा रहा है।