छिंदवाड़ा नगर निगम में आयोजित परिषद की बैठक उस वक्त गरमा गई जब शहर में लगातार आ रहे गंदे, बदबूदार और मटमैले पानी का मुद्दा सदन में उठा। आलम ये रहा कि पार्षद बोतलों में गंदा पानी भरकर बैठक में पहुंचे और कमिश्नर को वही पानी पीने के लिए कह दिया।
बैठक में सभी 48 वार्डों के भाजपा और कांग्रेस पार्षद, सभापति और नगर निगम के अधिकारी मौजूद थे। लेकिन जैसे ही पानी की समस्या पर चर्चा शुरू हुई। पार्षदों का आक्रोश खुलकर सामने आ गया। पार्षद सदन में गंदा पानी बोतलों में भरकर बैठक में पहुंचे थे और सीधे नगर निगम कमिश्नर को थमाते हुए कहा यही पानी आप भी पीकर देखिए, जनता को तो यही पिलाया जा रहा है।
हालांकि कमिश्नर ने पानी की बोतल अपने पास रख ली और सफाई देते हुए कहा कि ऐसा कोई शहर नहीं जहां इस तरह की समस्या न हो। इस बयान के बाद सदन में और ज्यादा हंगामा देखने को मिला। पक्ष और विपक्ष दोनों ने एक सुर में नगर निगम पर सवाल खड़े किए।
पार्षदों ने यह भी कहा कि जब नगर निगम शुद्ध पेयजल जैसी मूलभूत सुविधा नहीं दे पा रहा, तो फिर जनता के बीच जाकर जवाब देना मुश्किल हो रहा है। बैठक में ट्रांसपोर्ट नगर, बजट और अन्य मुद्दों पर भी चर्चा हुई। जहां कुछ बिंदुओं पर नगर निगम अध्यक्ष ने सहमति भी जताई।
छिंदवाडा से संवाददाता श्याम साहू की रिपोर्ट