नई दिल्ली : पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव होने में महज कुछ दिन शेष है, उससे पहले ही चर्चा का मुख्य केंद्र बनी नंदीग्राम में बड़ा उथल-पुथल हो सकता है। जिससे सिर्फ बीजेपी ही नहीं बल्कि CM ममता बनर्जी को भी बड़ा झटका लग सकता है। गौरतलबल कि नंदीग्राम विधानसभा सीट पर एक लड़की के आने से इस सीट पर त्रिकोणीय नजर आ रहा है। लोगों का यहां तक कहना है कि कहीं यह लड़की बीजेपी नेता शुभेन्दु अधिकारी और टीएमसी मुखिया ममता बनर्जी का खेल ना बिगाड़ दें।

कौन है ये लड़की
आपको बता दें कि इस लड़की का नाम है मीनाक्षी मुखर्जी है, जो माकपा से नंदीग्राम सीट के लिए उम्मीदवार है। वैसे मीनाक्षी मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी से है, जो कि माकपा के युवा संगठन डीवीएफआइ की अध्यक्ष हैं। वह एक छोटे से गांव चलबलपूर की रहने वाली है। उसने बचपन से अपने पिता की राजनीति को देखा है। लोकल लोगों के साथ हमेशा खड़े रहते हुए धीरे-धीरे जीला स्तर फिर राज्य स्तर पर अपने आप को प्रमाणित किया। उसने राजनीति में आने के लिए कुल्टी कॉलेज से अपनी नौकरी छोड़कर आई है।

आपको बता दें कि मीनाक्षी मुखर्जी ने अपनी स्कूली पढ़ाई चलबलपूर जलधी देवी विधालय बेलरूई हाई स्कूल से की है। जबकि बी.बी कालेज से ग्रेजुएशन (आसनसोल) किया है। वहीं पोस्ट ग्रेजुएशन बर्दवान यूनिवर्सिट, Bed दुर्गापूर से की है।
अब अगर हम नंदीग्राम सीट की बात करें तो, आपको बता दें कि 1952 से ही भाकपा नंदीग्राम सीट पर अपना उम्मीदवार खड़ा करती आई है। एक समय नंदीग्राम भाकपा का गढ़ हुआ करता था, जो 2009 के उपचुनाव तक इसी का रहा। अब इस सीट पर सबकी नजरें हैं आखिर कौन इस बार बाजी मारता है।
आपको बता दें कि पश्चिम बंगाल में एक बार फिर दुबारा सत्ता हासिल करने के लिए ममता सरकार ने पूरी ताकत लगा दी है, वहीं दूसरी तरफ बेजीपे ने भी कई केंद्रीय मंत्रियों को बंगाल में उतारकर मुकाबले के कांटे का बना दिया है। जिसने सीएम ममता की भी नींद उड़ा रखी है।