नई दिल्ली : केंद्र सरकार द्वारा पारित तीन नए कृषि कानून के विरोध किसान तकरीबन एक साल से दिल्ली-पंजाब के सिंघु बॉर्डर पर आंदोलन पर बैठे हैं। जिससे आम लोगों को आने-जाने में काफी कठीनाई हो रही थी। इसे लेकर एक तरफ जहां सुप्रीम कोर्ट ने प्रदर्शन कर रहे किसानों को सख्त हिदायत दी, वहीं सरकार को भी जमकर फटकार लगाई। जिसके बाद किसानों ने सड़कों से टेंट को हटाना शुरू किया। लेकिन वे अब भी आंदोलन को लेकर गाजीपुर और सिंघु बॉर्डर पर डटे है।
इसी बीच दिल्ली-पंजाब के सिंघु बॉर्डर से एक ऐसी खबर आई है, जिसने एक बार फिर लोगों को हिला कर रख दिया। दरअसल एक बार फिर एक किसान ने सिंघु बॉर्डर पर फांसी लगाकर खुदकुशी कर ली। खुदकुशी करने वाले किसान का नाम गुरप्रीत सिंह बताया जा रहा है, जो पंजाब के फ़तेहगढ़ साहिब ज़िले का रहने वाला था। फिलहाल आत्महत्या के पीछे के कारणों का खुलासा नहीं हुआ है।
इस संगठन से था मृतक किसान का संबंध
आपको बता दें कि कुंडली थाना पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर सरकारी अस्पताल में पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। मृतक किसान बीकेयू सिद्धपुर से संबंधित था। इस यूनियन के प्रधान जगजीत सिंह ढलेवाल हैं। मृतक किसान गुरप्रीत सिंह गांव रुड़की तहसील अमरोह जिला के फतेहगढ़ साहिब का रहने वाला था।
दिल्ली के बॉर्डर्स पर डटे हैं किसान
बता दें कि केंद्र के नए कृषि कानूनों के विरोध में यूपी, पंजाब और हरियाणा के किसान पिछले एक साल से दिल्ली के गाज़ीपुर, टिकरी और सिंघु बोर्डर पर आंदोलन कर रहे हैं। किसानों की मांग है कि सरकार तीनों कृषि कानूनों को वापस ले। वहीं, सरकार किसानों की मांग मानने के मूड में नहीं है। किसान और सरकार के बीच अबतक कई दौर की बातचीत हो चुकी हैं, लेकिन हर बार यह बैठक बेनतीजा ही रही।