नई दिल्ली : देश के पांच प्रमुख राज्यों में चुनाव के साथ ही चुनाव आयोग काफी एक्टिव हो गया है, जिसे लेकर उन्होंने कई तरह के निर्देश भी दिये है। जिससे किसी तरह के आचार संहिता का उल्लंघन ना हो। आपको बता दें कि अपने इसी कानून के तहत चुनाव आयोग ने केंद्रीय स्वास्थ मंत्रालय को बड़ा आदेश दिया है। जिसमें उन्होंने जिन राज्यों में चुनाव होने है वहां कोरोना वैक्सीन के सर्टिफिकेट्स से पीएम मोदी की तस्वीर हटाने के लिए कहा है।
गौरतलब है कि चुनाव आयोग का यह फैसला केरल, पुडुचेरी, तमिलनाडु, पश्चिम बंगाल और असम में होने वाले विधानसभा चुनाव के मद्देनजर लिया गया है। इन सभी राज्यों में 27 मार्च से 29 अप्रैल के बीच विधानसभा चुनाव होने हैं, जिनका परिणाम 2 मई को आयेगा। आपको बता दें कि इस आदेश के साथ ही चुनाव आयोग ने यह सुनिश्चित कर दिया है कि 72 घंटे के अंदर ही इस आदेश का पालन करना होगा।
आपको बता दें कि चुनाव आयोग का यह आदेश टीएमसी के सांसद डेरेक ओ ब्रायन की शिकायत के बाद आया है। उन्होंने मुख्य चुनाव आयुक्त सुनील अरोड़ा से वैक्सीनेशन सर्टिफिकेट पर पीएम मोदी की तस्वीर, नाम और संदेश को लेकर आपत्ति दर्ज कराई थी। उन्होंने कहा था कि चुनाव की तरीखों के ऐलान के बाद पीएम मोदी इस तरह से सरकारी प्लेटफॉर्म कोविन ऐप के जरिए क्रेडिट लेने और अपने नाम के प्रचार करने से रोक लगाई जानी चाहिए।
वहीं टीएमसी सांसद सांतनु सेन ने कहा था कि हमें जन्म से ही वैक्सीन दी जा रही है क्या ऐसा पहले कभी हुआ है? ऐसा कभी नहीं हुआ है कि वैक्सीनेशन सर्टिफिकेट पर पीएम की फोटो हो। टीएमसी के इस बयान पर बीजेपी नेता दिलीप घोष ने पलटवार कर कहा कि यह आरोप बेबुनियाद हैं। चुनाव से पहले अगर सरकार कोई प्रोजेक्ट शुरू करती है तो वह उसी तौर तरीके से आगे बढ़ता है।
गौरतलब है कि कोरोना वैक्सीनेशन के बाद लाभार्थियों को कोरोना वैक्सीनेशन का सर्टिफिकेट दिया जाता है, जिनपर पीएम मोदी की तस्वीर होती है। हालांकि चुनाव आयोग के इस आदेश के बाद उन राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों के कोरोना वैक्सीनेशन सर्टिफिकेट से पीएम मोदी की तस्वीर हटा दी जायेगी, जहां विधानसभा चुनाव होने है। बता दें कि पश्चिम बंगाल की 294 सीटों पर 27 मार्च से 29 अप्रैल के बीच आठ चरणों में चुनाव होने हैं। जिनका परिणाम 2 मई को आयेगा।