नई दिल्ली : अक्सर अपने बयानों को लेकर सुर्खियों में रहने वाले पंजाब कांग्रेस के अध्यक्ष नवजोत सिंह सिद्धू के सलाहकार मलविंदर सिंह माली ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। जिससे नवजोत सिंह सिद्धू काफी आक्रोशित है और उन्होंने एक बार फिर बागी तेवर अख्तियार कर लिया है। उन्होंने कहा कि अगर पंजाब कांग्रेस का अध्यक्ष रहते हुए उन्हें फैसले लेने की छूट नहीं दी गई, तो वह ईंट से ईंट बजा देंगे।
सिद्धू का कहना है कि वह दार्शनिक घोड़ा बनकर नहीं रहना चाहते हैं। आपको बता दें कि कांग्रेस द्वारा नवजोत सिंह सिद्धू को पंजाब कांग्रेस अध्यक्ष पद का जिम्मा देने के बाद नवजोत ने मलविंदर सिंह माली को अपना सलाहकार बनाया था। सलाहकार का पद संभालने के बाद मलविंदर सिंह माली द्वारा कई ऐसे बयान दिए गए थे, जिनपर बवाल हुआ था। पंजाब कांग्रेस के प्रभारी हरीश रावत ने नवजोत सिंह सिद्धू से अपने सलाहकारों को हटाने के लिए कहा था।

मलविंदर सिंह माली ने अपने इस्तीफे में कहा है कि मैं पूरी तरह से मानता हूं कि जम्मू-कश्मीर भारत का ही हिस्सा है, लेकिन अनुच्छेद 370 और 35ए को लेकर मेरा मानना है कि इन्हें जिस तरह से हटाया गया, वह संविधान का उल्लंघन है।
नवजोत सिंह सिद्धू के पूर्व सलाहकार ने कहा कि भारत का संविधान उन्हें अलग राय रखने का भी अधिकार देता है। मैं उन सभी याचिकाओं का समर्थन करता हूं, जिसमें केंद्र सरकार के अनुच्छेद 370 हटाए जाने के फैसले को चुनौती दी गई है।
“I withdraw my consent given for tendering suggestions to Punjab Congress President Navjot Singh Sidhu,” writes Malwinder Singh Mali, Advisor to Sidhu pic.twitter.com/s8Eeg5EOkw
— ANI (@ANI) August 27, 2021
बता दें कि पंजाब में विधानसभा चुनाव से पहले कांग्रेस पार्टी ने नवजोत सिंह सिद्धू को प्रदेश कांग्रेस का अध्यक्ष बनाया। नवजोत सिंह सिद्धू ने अपने कार्यकारी अध्यक्षों और सलाहकारों को नियुक्त किया था, जिनपर बवाल हुआ था।
किन बयानों पर हुआ था विवाद?
मलविंदर सिंह माली की बात करें तो उन्होंने सबसे पहले जम्मू-कश्मीर को लेकर बयान दिया था, जिसमें उन्होंने कश्मीर मसले को संयुक्त राष्ट्र में होने की बात कही थी। इसके अलावा उन्होंने पूर्व पीएम इंदिरा गांधी से जुड़ा एक विवादित कार्टून साझा किया था। साथ ही हाल ही में उन्होंने कैप्टन अमरिंदर सिंह और उनके साथियों की तुलना ‘अली बाबा और 40 चोरों’ से की थी।
इन बयानों को लेकर हुए विवाद के बाद केंद्रीय आलाकमान ने नवजोत सिंह सिद्धू को अपने सलाहकारों को हटाने के लिए कहा था। पंजाब के प्रभारी हरीश रावत ने सिद्धू को लेकर सख्त संकेत दिए थे।