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Bhopal: मुख्य सचिव अनुराग जैन ने “ईज ऑफ लिविंग” और “ईज ऑफ डूइंग बिजनेस” से मध्यप्रदेश को अग्रणी बनाने का किया आह्वान

मुख्य सचिव अनुराग जैन ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की मंशानुसार ‘विजन 2047 विकसित भारत’ में मध्यप्रदेश के योगदान को सुनिश्चित करने के लिए सभी विभाग स्पष्ट कार्ययोजना तैयार करें।

By: Abhinav Tiwari 
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Bhopal: मुख्य सचिव अनुराग जैन ने “ईज ऑफ लिविंग” और “ईज ऑफ डूइंग बिजनेस” से मध्यप्रदेश को अग्रणी बनाने का किया आह्वान

वर्ष 2026 के प्रथम दिन मंत्रालय वल्लभ भवन में आयोजित बैठक में मुख्य सचिव अनुराग जैन ने विभागीय कार्ययोजनाओं और लक्ष्यों पर वरिष्ठ अधिकारियों के साथ विस्तृत विमर्श किया। बैठक में अधिकारियों ने नववर्ष के अवसर पर मुख्य सचिव तथा पुलिस महानिदेशक कैलाश मकवाना को पुष्प-गुच्छ भेंट कर शुभकामनाएं दीं। मुख्य सचिव ने भी सभी अधिकारियों को नववर्ष की बधाई देते हुए नई ऊर्जा और प्रतिबद्धता के साथ कार्य करने का आह्वान किया।

विकसित भारत 2047 के लिए मिशन मोड में कार्य

मुख्य सचिव अनुराग जैन ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की मंशानुसार ‘विजन 2047 विकसित भारत’ में मध्यप्रदेश के योगदान को सुनिश्चित करने के लिए सभी विभाग स्पष्ट कार्ययोजना तैयार करें। उन्होंने “ईज ऑफ लिविंग” और “ईज ऑफ डूइंग बिजनेस” के सिद्धांतों को अपनाते हुए आम नागरिकों के जीवन, रोजगार और व्यवसाय को सरल व सुगम बनाने हेतु नियम-कानूनों में आवश्यक सुधार और बदलाव करने पर बल दिया।

तीन माह के लक्ष्य और तीन वर्षीय रोलिंग प्लान

मुख्य सचिव ने निर्देश दिए कि चालू वित्तीय वर्ष के शेष तीन माह के निर्धारित लक्ष्यों को समय-सीमा में पूरा किया जाए। साथ ही वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए मिशन मोड में कार्ययोजना तैयार की जाए। उन्होंने बताया कि वर्ष 2028 तक रोलिंग बजट व्यवस्था लागू रहेगी, जिसके अंतर्गत सभी विभाग गरीब, अन्नदाता, युवा और नारी सशक्तिकरण के राज्य सरकार के विजन को ध्यान में रखते हुए अगले तीन वर्षों की योजनाएं बनाएंगे और उनका क्रियान्वयन करेंगे।

अग्रणी पाँच राज्यों में शामिल होने पर संतोष

मुख्य सचिव अनुराग जैन ने प्रधानमंत्री की अध्यक्षता में आयोजित मुख्य सचिवों की कॉन्फ्रेंस में मध्यप्रदेश के अग्रणी पाँच राज्यों में शामिल होने पर अधिकारियों को बधाई दी। उन्होंने कॉन्फ्रेंस में मानव संसाधन विकास से जुड़े राष्ट्रीय एजेंडा की जानकारी देते हुए कहा कि 1947 और 1950 के पूर्व बने नियम-कानूनों की समीक्षा कर उन्हें आमजन की सुविधा के अनुरूप पुनः डिजाइन किया जाना चाहिए।

बड़े प्रोजेक्ट्स की समयबद्ध समीक्षा अनिवार्य

मुख्य सचिव ने प्रदेश को विकसित राज्य बनाने के लिए संचालित और प्रस्तावित बड़े प्रोजेक्ट्स को सर्वोच्च प्राथमिकता देने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि परियोजनाओं को समय पर पूर्ण करने के लिए प्रोजेक्ट टाइम मैनेजमेंट प्लान लागू किया जाए और आवश्यकता अनुसार साप्ताहिक, मासिक तथा त्रैमासिक समीक्षा की जाए। समन्वय संबंधी समस्याओं को तत्काल समाधान के लिए उनके संज्ञान में लाने के भी निर्देश दिए गए।

घटनाओं से सीख लेकर स्थायी समाधान पर जोर

इंदौर में हाल ही में हुई एक घटना पर दुख व्यक्त करते हुए मुख्य सचिव ने निर्देश दिए कि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो, इसके लिए समग्र अध्ययन कर स्थानीय स्तर पर स्थायी समाधान खोजे जाएं। किसी भी आपात स्थिति में संबंधित विभागों द्वारा त्वरित राहत और बचाव कार्य सुनिश्चित करने पर विशेष जोर दिया गया।

एम.पी.ई सेवा ऐप को और प्रभावी बनाने के निर्देश

मुख्य सचिव अनुराग जैन ने बताया कि नवंबर में शुरू किए गए एम.पी.ई सेवा ऐप को और अधिक जनहितकारी बनाया जाए। बैठक में जानकारी दी गई कि वर्तमान में ऐप पर 500 से अधिक सेवाएं उपलब्ध हैं, जिन्हें जनवरी तक 1200 और मार्च 2026 तक 1800 सेवाओं तक बढ़ाने की योजना है।

श्रेष्ठ प्रथाओं को अपनाने और संवाद पर बल

मुख्य सचिव ने अन्य राज्यों की सफल योजनाओं और कार्यक्रमों का अध्ययन कर उन्हें मध्यप्रदेश में लागू करने के निर्देश दिए। साथ ही केंद्र सरकार के वरिष्ठ अधिकारियों से सतत संवाद बनाए रखने, सीएम हेल्पलाइन प्रकरणों का समयबद्ध निराकरण करने तथा विभागीय उपलब्धियों का व्यापक प्रचार-प्रसार सुनिश्चित करने को कहा।

जल, ऊर्जा और सुरक्षा पर विशेष फोकस

बैठक में बताया गया कि जल संसाधन विभाग द्वारा नदी जोड़ो परियोजनाओं के तेज क्रियान्वयन से 10 लाख हेक्टेयर कृषि भूमि में अतिरिक्त सिंचाई का लक्ष्य है। वहीं, राज्य और जिला स्तर के शासकीय भवनों पर सोलर पैनल लगाने का कार्य अभियान के रूप में किया जा रहा है।

बैठक को डीजीपी मकवाना ने भी संबोधित करते हुए मध्यप्रदेश को नक्सल मुक्त बनाने में विभिन्न विभागों के सहयोग के लिए आभार व्यक्त किया। बैठक में विभिन्न विभागों के अपर मुख्य सचिव, प्रमुख सचिव, सचिव और विभागाध्यक्ष उपस्थित रहे।

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