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श्योपुर में कूनो नदी में 53 घड़ियाल और दुर्लभ कछुए छोड़े गए। सीएम डॉ. मोहन यादव ने पर्यावरण संरक्षण, चीता प्रोजेक्ट और वन पर्यटन पर बड़ा बयान दिया।
CM डॉ. मोहन यादव ने वीसी से कानून-व्यवस्था की समीक्षा की। होलिका दहन गैर-विवादित स्थलों पर, त्योहारों पर सख्त निगरानी, पेट्रोलिंग बढ़ाने और औचक निरीक्षण के निर्देश।
मुख्यमंत्री ने ग्वालियर विमानतल पर मीडिया से चर्चा करते हुए बताया कि केंद्रीय पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री भूपेंद्र यादव द्वारा बोत्सवाना (अफ्रीका) से लाए गए 9 चीतों को शनिवार को कूनो नेशनल पार्क में छोड़ा गया है।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश के वन राज्य ही नहीं, पूरे देश की अमूल्य धरोहर हैं। वन विभाग का ‘विजन@2047’ जलवायु-सहिष्णु भविष्य और 33% हरित आच्छादन लक्ष्य की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कूनो नेशनल पार्क में 53 घड़ियाल और 25 कछुए नदी में छोड़ते हुए कहा कि वन्यजीव संरक्षण सरकार की प्राथमिकता है। चीता प्रोजेक्ट से एमपी में चीतों की संख्या 48 हुई।
40 साल पहले भोपल में यूनियन कार्बाइट गैस लीक कांड हुआ था जिसमें 25 हजार से अधिक लोगों की जान गयी थी। उस समय का यूनियन कार्बाइट का कचरा यहां पड़ा हुआ था, बीते साल उस कचरे का निष्पादन किया गया। यूनियन कार्बाइट की घटना जहां हुई भविष्य में वहां स्मारक बनाया जाएगा।
इंदौर में कांग्रेस का संगठन सृजन अभियान पूरा। जीतू पटवारी के फॉर्मूले से 335 ग्राम पंचायत और 128 वार्ड में समितियों का गठन, 10 हजार से अधिक नियुक्तियां।
ग्रामीणों ने बताया कि मूल गांव छोटा बड़दा से विस्थापित कर यहां लाया गया था, लेकिन जीवनयापन के लिए आवश्यक संसाधन अब भी नदारद हैं।
बताया जा रहा है कि यह भूमि पूर्व में कृषि थी, जिसे एक कॉलोनाइजर द्वारा प्लॉट काटकर बेचा गया। ऐसे में पंचायत को यहां कोई राजस्व प्राप्त नहीं होता, फिर भी सड़क निर्माण किया जा रहा है।
ग्रामीणों ने खुद सड़क पर उतर कर वाहनों को रोका और ड्राइवरों को फूल माला पहनाई, चंदन लगाया, मिठाई खिलाई और कहा- धन्यवाद! आप मोक्षदायिनी वाहन दौड़ा रहे हैं!
मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश देश में चीतों का एकमात्र स्थायी घर है। कूनो नेशनल पार्क में बोत्सवाना से लाए गए 9 नए चीतों के साथ कुल संख्या 48 हुई।
बजट में किसानों के लिए कई बड़े प्रावधान शामिल हैं। फसल बीमा, किसान सम्मान निधि, सिंचाई सुविधाओं के विस्तार के लिए नदी जोड़ो परियोजनाएं, नहर विस्तार और नई योजनाओं पर जोर दिया गया है, जिससे लाखों किसानों को लाभ मिलेगा।
सार्वजनिक होलिका दहन के लिए निःशुल्क पंजीयन की व्यवस्था की गई है। उत्कृष्ट आयोजन करने वाली समितियों को राज्य स्तर पर सम्मान हेतु प्रस्तावित किया जाएगा।
शुगर नियंत्रण के लिए जागरूकता बढ़ाई जा रही है और जिला अस्पतालों में टाइप-1 डायबिटीज के लिए विशेष क्लिनिक शुरू किए जा रहे हैं।