पन्नाः मध्य प्रदेश, जिसे हम बड़े गर्व से ‘टाइगर स्टेट’ कहते हैं, वहां से एक ऐसी खबर आई है जो वन विभाग के दावों की धज्जियां उड़ा रही है। पन्ना टाइगर रिजर्व (PTR), जो अपनी ‘हाई-टेक’ निगरानी के लिए जाना जाता है, वहां 21 अप्रैल को एक पूर्ण वयस्क नर बाघ का शव मिला है।
हैरानी की बात यह नहीं कि बाघ मर गया, सनसनीखेज तो यह है कि बाघ का शव 20 से 25 दिनों तक मुख्य मार्ग से मात्र 100 मीटर की दूरी पर सड़ता रहा, कंकाल बन गया, लेकिन ‘मुस्तैद’ प्रबंधन को इसकी भनक तक नहीं लगी। जिस कटरिया बीट में यह हादसा हुआ, वहाँ से रोज अफसरों की गाड़ियां गुजरती हैं, पर क्या किसी को दुर्गंध नहीं आई?
पार्क के दावों की पोल तब खुली जब महुआ बीनने वाले एक ग्रामीण ने इस सड़े हुए शव को देखा। अब सवाल उठ रहे हैं कि क्या यह शिकार है या आपसी संघर्ष? एसटीएफ (STF) की टीम जांच में जुटी है।
लेकिन बड़ा सवाल यही है कि क्या बाघ अब केवल कागजों और पर्यटन की फाइलों में सुरक्षित हैं? जब 100 मीटर की दूरी पर सिस्टम ‘अंधा’ हो जाए, तो जंगलों की गहराई में बाघों का क्या हाल होगा, आप खुद अंदाजा लगाइए।
पन्ना से संवाददाता राजेश रावत की रिपोर्ट