पार्क के दावों की पोल तब खुली जब महुआ बीनने वाले एक ग्रामीण ने इस सड़े हुए शव को देखा।
पार्क के दावों की पोल तब खुली जब महुआ बीनने वाले एक ग्रामीण ने इस सड़े हुए शव को देखा।
लोगों का कहना है कि पिछले तीन वर्षों से मुख्य सड़क पर दुकान होने के कारण क्षेत्र में मारपीट, गाली-गलौज और जाम की स्थिति बनी रहती थी। हाल ही में दुकान को गली के अंदर शिफ्ट किया गया था, जिससे क्षेत्र में शांति बनी हुई थी।