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सरकारी स्कूल की बदली तस्वीर: खेल-खेल में सीख और लगातार उत्कृष्ट परिणामों की मिसाल

सीहोर जिले के भैरूंदा क्षेत्र स्थित शासकीय हाई स्कूल खरसानिया ने नवाचार और गतिविधि आधारित शिक्षा के माध्यम से ग्रामीण शिक्षा की एक अलग पहचान बनाई है। यहां बच्चों को खेल-खेल में अक्षरमाला, गिनती और अन्य विषय पढ़ाए जाते हैं, जिससे सीखना आसान और रोचक हो गया है। स्कूल परिसर की 50 फीट लंबी गैलरी को स्मार्ट लर्निंग जोन में बदला गया है और पेड़ों के माध्यम से भी व्यावहारिक शिक्षा दी जाती है। लगातार 5 वर्षों से विद्यालय का बोर्ड परीक्षा परिणाम 100 प्रतिशत रहा है। इन नवाचारों और उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए स्कूल को प्रदेश स्तर पर प्रथम पुरस्कार भी प्राप्त हुआ है।

By: Nivedita 
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सरकारी स्कूल की बदली तस्वीर: खेल-खेल में सीख और लगातार उत्कृष्ट परिणामों की मिसाल

सीहोर जिले के भैरूंदा क्षेत्र स्थित शासकीय हाई स्कूल खरसानिया ने सीमित संसाधनों के बावजूद शिक्षा के क्षेत्र में एक नई पहचान बनाई है। यह विद्यालय पारंपरिक पढ़ाई से आगे बढ़कर बच्चों को गतिविधि आधारित और रोचक तरीके से शिक्षा प्रदान कर रहा है, जिससे ग्रामीण शिक्षा की दिशा में सकारात्मक बदलाव देखने को मिल रहा है।

गैलरी बनी स्मार्ट क्लास, खेल-खेल में सीख रहे बच्चे

स्कूल की 50 फीट लंबी और 8 फीट चौड़ी गैलरी को एक नवाचार के रूप में ‘लर्निंग जोन’ में बदल दिया गया है। यहां फर्श पर बनाए गए खेलों जैसे लंगड़ी और सांप-सीढ़ी के माध्यम से बच्चों को अक्षरमाला और गिनती सिखाई जाती है। खेलते-खेलते बच्चे ए, बी, सी, डी के साथ-साथ गणितीय संख्याओं को भी सहज रूप से सीख रहे हैं, जिससे पढ़ाई उनके लिए बोझ नहीं बल्कि मनोरंजन बन गई है।

 

सरकारी स्कूल की बदली तस्वीर: खेल-खेल में सीख और लगातार उत्कृष्ट परिणामों की मिसाल

पेड़ों के माध्यम से व्यावहारिक शिक्षा

विद्यालय परिसर में मौजूद पेड़ों को भी शिक्षण सामग्री के रूप में उपयोग किया गया है। इन पेड़ों पर ज्ञानवर्धक शब्द और चित्र लगाए गए हैं, जिनके माध्यम से बच्चों को प्रकृति से जोड़कर शिक्षा दी जाती है। शिक्षक बच्चों को इन पेड़ों के माध्यम से विभिन्न विषयों की जानकारी देते हैं, जिससे सीखने की प्रक्रिया और अधिक प्रभावी हो जाती है।

लगातार 5 वर्षों से 100 प्रतिशत परिणाम

शासकीय हाई स्कूल खरसानिया की सबसे बड़ी उपलब्धि इसका उत्कृष्ट शैक्षणिक प्रदर्शन है। यह विद्यालय पिछले पांच वर्षों से बोर्ड परीक्षाओं में शत-प्रतिशत परिणाम दे रहा है। यहां के छात्रों में अनुशासन और समय पालन की आदत के साथ-साथ पढ़ाई के प्रति गहरी रुचि देखने को मिलती है।

 

सरकारी स्कूल की बदली तस्वीर: खेल-खेल में सीख और लगातार उत्कृष्ट परिणामों की मिसाल

शिक्षकों की टीम और नवाचारों की भूमिका

विद्यालय की इस सफलता में शिक्षकों की महत्वपूर्ण भूमिका रही है। प्राचार्य संतोष पंवार के नेतृत्व में पूरी टीम ने मिलकर कई नवाचार किए हैं, जिनमें शिक्षा दर्पण, किचन गार्डन और खुले वातावरण में सीखने की व्यवस्था शामिल है। इन प्रयासों ने छात्रों के समग्र विकास में महत्वपूर्ण योगदान दिया है।

प्रदेश स्तर पर मिला सम्मान

स्कूल द्वारा किए गए इन रचनात्मक प्रयासों को प्रदेश स्तर पर भी सराहा गया है और विद्यालय को प्रथम पुरस्कार से सम्मानित किया गया है। यह संस्थान इस बात का उदाहरण बन गया है कि यदि शिक्षकों में समर्पण और नवाचार की भावना हो तो संसाधनों की कमी भी शिक्षा की गुणवत्ता को प्रभावित नहीं कर सकती।

 

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