बुरहानपुर जिले में पिछले कुछ सप्ताह से लगातार खराब मौसम किसानों के लिए बड़ी चुनौती बन गया है। तेज आंधी, बारिश और तूफान के कारण कृषि क्षेत्र को व्यापक नुकसान पहुंचा है। जिले की प्रमुख नकदी फसल मानी जाने वाली केला खेती सबसे अधिक प्रभावित हुई है, जिससे किसानों की आर्थिक स्थिति पर गहरा असर पड़ा है।
किसानों का दावा है कि हालिया प्राकृतिक आपदाओं के चलते जिले में सैकड़ों करोड़ रुपये मूल्य की केला फसल नष्ट हो गई है। खेतों में बड़ी संख्या में केले के पौधे गिर गए हैं, जिससे उत्पादन और आय दोनों पर असर पड़ा है। कई किसान नुकसान के बाद अपनी फसल को खेतों से हटाने तक में असमर्थ हैं।
फसल खराब होने के कारण किसानों के सामने खेती की लागत निकालना भी मुश्किल हो गया है। इसके अलावा बच्चों की शिक्षा, घरेलू खर्च और आगामी कृषि कार्यों को लेकर भी चिंता बढ़ गई है। किसानों का कहना है कि लगातार हो रहे नुकसान ने उनकी आर्थिक स्थिति को कमजोर कर दिया है।
प्रभावित किसानों ने फसल बीमा योजना और राहत राशि को लेकर भी असंतोष जताया है। उनका कहना है कि नुकसान के मुकाबले मिलने वाला मुआवजा बेहद कम है और कई किसानों को बीमा का लाभ भी नहीं मिल पा रहा है। ऐसे में किसानों को पर्याप्त आर्थिक सहायता की आवश्यकता है।

अपनी मांगों को लेकर शाहपुर क्षेत्र के किसान मराठा सेवा संघ कृषि के बैनर तले एकजुट हुए और कलेक्टर के नाम ज्ञापन सौंपा। किसानों ने विशेष राहत पैकेज, फसल बीमा का लाभ सुनिश्चित करने और बच्चों की शिक्षा के लिए आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने की मांग की है।
किसानों का कहना है कि यदि जल्द प्रभावी राहत नहीं मिली तो खेती जारी रखना और परिवार का भरण-पोषण करना कठिन हो जाएगा। अब जिले के किसान प्रशासन और सरकार से ठोस कदम उठाए जाने की उम्मीद कर रहे हैं।