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वीर रेंगा कोरकू जयंती पर आदिवासी समाज का शक्ति प्रदर्शन, भूमि विवादों को लेकर प्रशासन को 10 दिन का अल्टीमेटम

बुरहानपुर जिले के देड़तलाई गांव में वीर रेंगा कोरकू जयंती के अवसर पर आदिवासी समाज ने एकजुटता दिखाते हुए भूमि विवादों के शीघ्र समाधान की मांग उठाई। समाज के प्रतिनिधियों ने प्रशासन को 10 दिन का अल्टीमेटम देते हुए कहा कि लंबित जमीन मामलों का न्यायपूर्ण निराकरण नहीं होने पर बड़ा आंदोलन किया जाएगा। कार्यक्रम में वीर रेंगा कोरकू के योगदान को याद कर समाज के अधिकारों और एकता का संकल्प लिया गया।

By: Nivedita 
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वीर रेंगा कोरकू जयंती पर आदिवासी समाज का शक्ति प्रदर्शन, भूमि विवादों को लेकर प्रशासन को 10 दिन का अल्टीमेटम

बुरहानपुर। जिले के देड़तलाई गांव में आदिवासी समाज ने जननायक और स्वतंत्रता सेनानी वीर रेंगा कोरकू की जयंती श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाई। इस अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में बड़ी संख्या में समाज के लोग, जनप्रतिनिधि और सामाजिक कार्यकर्ता शामिल हुए। कार्यक्रम के दौरान आदिवासी समाज ने अपनी एकजुटता दिखाते हुए क्षेत्र में लंबे समय से लंबित भूमि विवादों का मुद्दा प्रमुखता से उठाया।

भूमि विवादों के समाधान की मांग

कार्यक्रम में वक्ताओं ने कहा कि आदिवासी समुदाय से जुड़े कई जमीन विवाद वर्षों से लंबित हैं, जिसके कारण लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। समाज के प्रतिनिधियों ने प्रशासन से इन मामलों का जल्द और निष्पक्ष समाधान करने की मांग रखी।

10 दिन में समाधान नहीं हुआ तो आंदोलन की चेतावनी

आदिवासी समाज के प्रतिनिधियों ने प्रशासन को चेतावनी देते हुए कहा कि यदि 10 दिनों के भीतर भूमि संबंधी समस्याओं का निराकरण नहीं किया गया तो समाज व्यापक आंदोलन करने के लिए मजबूर होगा। उन्होंने कहा कि आंदोलन की जिम्मेदारी प्रशासन की होगी।

 

वीर रेंगा कोरकू के संघर्ष को किया याद

कार्यक्रम में वक्ताओं ने वीर रेंगा कोरकू के जीवन, संघर्ष और समाज के प्रति उनके योगदान को याद किया। उन्होंने कहा कि वीर रेंगा कोरकू ने अपने जीवन में अधिकारों और सम्मान के लिए संघर्ष किया, जो आज भी समाज के लिए प्रेरणा का स्रोत है।

अधिकारों की लड़ाई लोकतांत्रिक तरीके से जारी रखने का संकल्प

कार्यक्रम के समापन पर वीर रेंगा कोरकू को श्रद्धांजलि अर्पित की गई। समाज के लोगों ने एकजुट होकर अपने अधिकारों की रक्षा और सामाजिक विकास के लिए लोकतांत्रिक तरीके से संघर्ष जारी रखने का संकल्प लिया।

 

 रिपोर्ट –  राजू सिंह राठौड़

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