नई दिल्ली स्थित अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी कार्यालय में मध्य प्रदेश से जुड़े राज्यसभा चुनाव और लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं को लेकर एक संयुक्त प्रेस वार्ता आयोजित की गई। इस अवसर पर कांग्रेस के वरिष्ठ नेता, सांसद, विधायक और पदाधिकारी उपस्थित रहे।
प्रदेश कांग्रेस प्रभारी हरीश चौधरी ने कहा कि देश की लोकतांत्रिक व्यवस्था में चुनाव आयोग की निष्पक्षता आवश्यक है, लेकिन हाल के समय में संस्थागत प्रक्रियाओं में बदलाव से पारदर्शिता पर सवाल उठ रहे हैं। उन्होंने राज्यसभा नामांकन प्रक्रिया को लेकर भी गंभीर चिंताएं व्यक्त कीं।

प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने कहा कि राज्यसभा नामांकन से जुड़े मामले में रिटर्निंग ऑफिसर की भूमिका संदिग्ध रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि विभिन्न प्रक्रियाओं में असमान व्यवहार देखने को मिला, जिससे लोकतांत्रिक व्यवस्था प्रभावित होती है।
नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने कहा कि देश में वर्तमान परिस्थितियां इलेक्टोरल ऑटोक्रेसी की ओर संकेत कर रही हैं। उन्होंने कहा कि कार्यपालिका के केंद्रीकरण और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पर असर जैसी स्थितियां लोकतंत्र के लिए चिंता का विषय हैं।

राज्यसभा उम्मीदवार मीनाक्षी नटराजन ने कहा कि उनके नामांकन फॉर्म-26 में सभी आवश्यक जानकारियां पूरी पारदर्शिता के साथ दी गई थीं। उन्होंने स्पष्ट किया कि किसी भी प्रकार की जानकारी छिपाई नहीं गई और लगाए गए आरोप तथ्यहीन हैं।
कांग्रेस नेताओं ने इस पूरे मामले को लोकतांत्रिक मूल्यों से जोड़ते हुए निष्पक्ष जांच की मांग की है। पार्टी ने कहा कि वे इस मुद्दे को आगे भी मजबूती से उठाते रहेंगे।