हरियाणा के मुख्यमंत्री ने राज्य में मधुमक्खी पालन को प्रोत्साहित करने के लिए गुरुवार को हरियाणा मधुमक्खी पालन नीति-2021 और कार्य योजना 2021-2030 पेश की।
हरियाणा के मुख्यमंत्री ने राज्य में मधुमक्खी पालन को प्रोत्साहित करने के लिए गुरुवार को हरियाणा मधुमक्खी पालन नीति-2021 और कार्य योजना 2021-2030 पेश की।
पोर्टेबल ड्रिप सिंचाई किट मुख्य रूप से एक एकड़ तक की खेती के लिए डिज़ाइन की गई है। पोर्टेबल ड्रिप सिंचाई किट की कीमत 21 हज़ार रुपये से 25 हज़ार रुपये तक है। छोटे किसानों की सिंचाई लागत घटने से एक बार की ये लघु लागत ज्यादा भारी नहीं पड़ती।
भंडारण की क्षमता को पूरा करने एवं प्याज किसानों को सही दाम दिलवाने के लिए देश तथा राज्यों में विभिन्न प्रकार की योजनाओं का क्रियान्वयन किया जा रहा है। योजना के तहत किसानों को प्याज भंडारण के लिए अनुदान दिया जायेगा।
चंदन अपनी खुशबू को लेकर हर किसी को आकर्षक करता है। चंदन की लकड़ी बहुत महंगी बिकती है। यह अपनी खूबसूरत खुशबू और लकड़ी के लिए जाना जाता है। इस पेड़ की खेती से आप आसानी से लाखों कमा सकते हैं।
मणिपुर में बड़े पैमाने पर उगाए जाने वाले हाथी मिर्च और तामेंगलोंग संतरे को जीआई टैग दिया गया है । आइए जानें किसानों को कैसे इससे फायदा होगा।
यदि आप अपना लाभदायक कृषि व्यवसाय शुरू करने की योजना बना रहे हैं तो आप हरी मटर की खेती करने के बारे में सोच सकते हैं।
बीटी फसलें आनुवंशिक रूप से संशोधित ट्रांसजेनिक फसलें हैं जो बैसिलस थुरिंगिनेसिस जीवाणु के डीएनए से प्राप्त होती हैं ।
भारत में पाम ऑयल की खपत बड़े पैमाने पर होती है। इस तरह देश में हर साल अरबों रुपये का पाम ऑयल आयात होता है। इस खपत के मद्देनजर भारत पर निर्यातक देशों जैसे मलेशिया और इंडोनेशिया में हो रहे वनों की कटाई को प्रोत्साहन देने का आरोप भी लगता रहा है। आयात पर आने वाले खर्च और इस आरोप-प्रत्यारोप से निजात पाने के लिए भारत सरकार, देश में ही
खाद्य सुरक्षा में कृषि अनुसंधान अहम भूमिका निभा रहा है ।अनुसंधान खाद्य सुरक्षा के तीन पहलुओं अर्थात उपलब्धता, पहुंच और सामर्थ्य में उल्लेखनीय योगदान देता है।
अगर आप पशुपालन करना चाहते हैं तथा आप के पास पर्याप्त पूंजी नहीं है तो एसे में जरुरी हो जाता है कि सरकार के द्वारा मदद के साथ बैंक से कम ब्याज पर ऋण प्राप्त हो |
किसान सावधान! धान की फसल कटाई के लिए लगभग तैयार है लेकिन भारतीय कृषि अनुसंधान संस्थान (आईएआरआई) के वैज्ञानिकों ने धान किसानों को सतर्क कर दिया है।
शोधकर्ताओं और नीति निर्माताओं द्वारा जलीय खाद्य पदार्थों पर ध्यान नहीं दिया गया है, लेकिन अब समय आ गया है कि विश्व की भूख को समाप्त करने के लिए उन्हें पहचाना जाए और उनका उपयोग किया जाए।
कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने कहा कि चालू वर्ष के लिए निर्धारित 16 लाख करोड़ रुपये के ऋण लक्ष्य के मुकाबले किसान क्रेडिट कार्ड (केसीसी) योजना के माध्यम से किसानों को लगभग 14 लाख करोड़ रुपये पहले ही वितरित किए जा चुके हैं ।
सरकार ने सोयाबीन और दालों जैसे अरहर और उड़द के आयातकों के लिए समय सीमा 31 दिसंबर, 2021 तक बढ़ा दी। पहले, मुफ्त आयात नीति 31 अक्टूबर को समाप्त होने वाली थी, जिसमें 30 नवंबर तक आगमन की अनुमति थी।
केंद्र ने कृत्रिम बुद्धिमत्ता, और IoT जैसी नई तकनीकों के आधार पर 2021-2025 के लिए एक डिजिटल कृषि मिशन शुरू किया है ।