चंदन अपनी खुशबू को लेकर हर किसी को आकर्षक करता है। चंदन की लकड़ी बहुत महंगी बिकती है। यह अपनी खूबसूरत खुशबू और लकड़ी के लिए जाना जाता है। इस पेड़ की खेती से आप आसानी से लाखों कमा सकते हैं।
चंदन अपनी खुशबू को लेकर हर किसी को आकर्षक करता है। चंदन की लकड़ी बहुत महंगी बिकती है। यह अपनी खूबसूरत खुशबू और लकड़ी के लिए जाना जाता है। इस पेड़ की खेती से आप आसानी से लाखों कमा सकते हैं।
मणिपुर में बड़े पैमाने पर उगाए जाने वाले हाथी मिर्च और तामेंगलोंग संतरे को जीआई टैग दिया गया है । आइए जानें किसानों को कैसे इससे फायदा होगा।
यदि आप अपना लाभदायक कृषि व्यवसाय शुरू करने की योजना बना रहे हैं तो आप हरी मटर की खेती करने के बारे में सोच सकते हैं।
बीटी फसलें आनुवंशिक रूप से संशोधित ट्रांसजेनिक फसलें हैं जो बैसिलस थुरिंगिनेसिस जीवाणु के डीएनए से प्राप्त होती हैं ।
भारत में पाम ऑयल की खपत बड़े पैमाने पर होती है। इस तरह देश में हर साल अरबों रुपये का पाम ऑयल आयात होता है। इस खपत के मद्देनजर भारत पर निर्यातक देशों जैसे मलेशिया और इंडोनेशिया में हो रहे वनों की कटाई को प्रोत्साहन देने का आरोप भी लगता रहा है। आयात पर आने वाले खर्च और इस आरोप-प्रत्यारोप से निजात पाने के लिए भारत सरकार, देश में ही
खाद्य सुरक्षा में कृषि अनुसंधान अहम भूमिका निभा रहा है ।अनुसंधान खाद्य सुरक्षा के तीन पहलुओं अर्थात उपलब्धता, पहुंच और सामर्थ्य में उल्लेखनीय योगदान देता है।
अगर आप पशुपालन करना चाहते हैं तथा आप के पास पर्याप्त पूंजी नहीं है तो एसे में जरुरी हो जाता है कि सरकार के द्वारा मदद के साथ बैंक से कम ब्याज पर ऋण प्राप्त हो |
किसान सावधान! धान की फसल कटाई के लिए लगभग तैयार है लेकिन भारतीय कृषि अनुसंधान संस्थान (आईएआरआई) के वैज्ञानिकों ने धान किसानों को सतर्क कर दिया है।
शोधकर्ताओं और नीति निर्माताओं द्वारा जलीय खाद्य पदार्थों पर ध्यान नहीं दिया गया है, लेकिन अब समय आ गया है कि विश्व की भूख को समाप्त करने के लिए उन्हें पहचाना जाए और उनका उपयोग किया जाए।
कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने कहा कि चालू वर्ष के लिए निर्धारित 16 लाख करोड़ रुपये के ऋण लक्ष्य के मुकाबले किसान क्रेडिट कार्ड (केसीसी) योजना के माध्यम से किसानों को लगभग 14 लाख करोड़ रुपये पहले ही वितरित किए जा चुके हैं ।
सरकार ने सोयाबीन और दालों जैसे अरहर और उड़द के आयातकों के लिए समय सीमा 31 दिसंबर, 2021 तक बढ़ा दी। पहले, मुफ्त आयात नीति 31 अक्टूबर को समाप्त होने वाली थी, जिसमें 30 नवंबर तक आगमन की अनुमति थी।
केंद्र ने कृत्रिम बुद्धिमत्ता, और IoT जैसी नई तकनीकों के आधार पर 2021-2025 के लिए एक डिजिटल कृषि मिशन शुरू किया है ।
फ़ूड पॉइज़निंग मुख्य रूप से मैला और अस्वास्थ्यकर खाद्य के कारण होता है, जो खतरनाक बैक्टीरिया को विकसित और प्रसारित कर सकता है। फूड पॉइजनिंग को हम कई तरह से ठीक कर सकते हैं लेकिन सबसे अच्छा और आसान तरीका है प्राकृतिक जड़ी-बुटिया।
ई श्रम कार्ड श्रम और रोजगार मंत्रालय द्वारा जारी किया जाता है । जो असंगठित क्षेत्रों में काम करने वालों के लिए ई-श्रम पोर्टल पर पंजीकरण करके विभिन्न लाभ प्रदान करता है । यह कार्ड जीवन भर के लिए और पूरे देश में मान्य है।
जैसा कि हम सभी जानते हैं कि कृषि भारतीय अर्थव्यवस्था की रीढ़ है और देश में 58% से अधिक लोग अपनी आजीविका के लिए कृषि और संबद्ध क्षेत्रों पर निर्भर हैं। लेकिन दुख की बात है कि भारत के युवाओं को इस क्षेत्र के बारे में जानकारी नहीं है।