चाणक्य नीति के अनुसार व्यक्ति को हमेशा कुछ बातों का ध्यान रखना चाहिए। अधिक जानने के लिए निचे पढ़े
चाणक्य नीति के अनुसार व्यक्ति को हमेशा कुछ बातों का ध्यान रखना चाहिए। अधिक जानने के लिए निचे पढ़े
Navratri 2021 इस साल नवरात्रि की शुरुआत 7 अक्टूबर से है, जो 15 अक्टूबर तक रहेगा। आपको बता दें कि इस साल नवरात्रि 9 दिनों का है। ऐसा कहा जाता है कि इस वक्त मां दुर्गा धरती पर विचरण करती है और भक्तजनों को अपना आशीर्वाद देती है।
आचार्य चाणाक्य ने अपनी नीतियों में मनुष्यों के ऐसे कई सारे गुणों का उल्लेख किया है, जिसके जान जाने से ही उसकी किस्मत का बंद ताला खुल जायेगा। लेकिन हम यहां उन चार गुणों का ही जिक्र करेंगे जो किसी भी व्यक्ति को कामयाब बना सकता है। आपको बता दें कि मनुष्य एक सामाजिक प्राणी है, जिसमें किसी भी तरह के गुण और अवगुणों को ग्रहण करने की क्षमता होती
आचार्य चाणक्य की नीतियां भले ही थोड़ी आपको कठोर लगे लेकिन ये नीतियां आपके जीवन को एक नया राह दिखाता है, जो कामयाबी की ओर ले जाता है। आचार्य चाणक्य ने ऐसे कई नीतियां दी है, जो आपको कठिन से कठिन परिस्थिति में निकाल भी सकता है और मार्ग भी दिखा सकता है।
मनुष्य एक सामाजिक प्राणी है, लेकिन उसमें ऐसे कई अवगुण पाये जाते है, जिस कारण वो कभी-कभी आसामाजिक भी हो जाता है। हालांकि हम यहां मनुष्यों के गुण और अवगुण की बात नहीं करेंगे। हम यहां बात करेंगे आचार्य चाणक्य की, जिनकी नीतियों ने एक तरफ जहां मनुष्यों को उनके अवगुणों से दूर कराया। वहीं उन्होंने उनके भविष्य का भी निर्माण किया।
तुलसी का पौधा, एक ऐसा पौधा, जो आपको हर हिंदू परिवार में देखने को मिलेगा। क्योंकि इस पौधे को पवित्र और शुभ माना जाता है। जिसका इस्तेमाल हर हिंदू परिवार अपने घरों में पूजा-पाठ में भी करते है। ऐसी मान्यता है कि सुबह के समय तुलसी के पौधे में जल देने से घर में सुख और समृद्धि आती है। इसके साथ ही यह कई रोगों में आपके लिए रामबाण भी
नवरात्रि हिंदुओं का प्रमुख त्योहार है, जो हर साल सितंबर या अक्टूबर के महीने में मनाया जाता है। अगर हम हिंदी महीने की बात करें तो यह पर्व अश्विन मास के शुक्ल पक्ष में शुरु होता है, जो इस साल 7 अक्टूबर को है। आपको बता दें कि इस साल नवरात्रि 8 दिनों का है, जो 14 अक्टूबर तक चलेगा। वहीं दशहरा 15 अक्टूबर को मनाया जाएगा।
हिंदू धर्म में दान-पुण्य करने का एक अलग ही महत्व है। घर पर कोई पूजा, हवन हो या फिर कोई शुभ काम, दान करना अति शुभ माना जाता है। शास्त्रों की मानें तो, अपनी इच्छानुसार दान करने से धन लाभ की प्राप्ति के साथ पुण्य मिलता है। वहीं वास्तु शास्त्र के मुताबिक माना जाता है कि आप दिन के किसी भी प्रहर में दान दें लेकिन सूर्यास्त के बाद दान
दिवाली हिन्दुओं का एक प्रमुख त्योहार है, जिसका एक अलग ही महत्व है। हिंदू पंचांग के अनुसार, कार्तिक मास की कृष्ण पक्ष की अमावस्या तिथि को दिवाली मनाई जाती है। इस साल कार्तिक अमावस्या 04 नवंबर, गुरुवार को है। दिवाली पर मां लक्ष्मी और भगवान गणेश जी का पूजन किया जाता है। लक्ष्मी पूजन के लिए इस साल चार ग्रहों के एक ही राशि में होने से शुभ योग बन
सुख और दुख, सफलता और असफलता, जीवन के ये दो वो चक्र है, जिनका आना-जाना लगा रहता है। लेकिन अगर आप आचार्य चाणक्य(Chanakya Niti) की ये बात मान लेते है, तो आपके आस-पास भी असफलता भटकती नजर नहीं आयेगी। और आपके हर कदम सफलता की ओर बढ़ेंगे। इसके साथ ही आप उन ऊंचाईयों को भी छुएंगे, जिसकी आप ख्वाहिश रखते है।
पितृ पक्ष में पितरों की आत्मा की शांति के लिए तर्पण-श्राद्ध किया जाता है। जिससे खुश होकर पितर आशीर्वाद देते हैं और जिंदगी में सुख-समृद्धि देते है। यदि पूर्वजों (Ancestors)की कृपा आप पर हो रही है तो इसके शुभ संकेत भी पितृ पक्ष में नजर आते हैं। ये संकेत (Indications) बताते हैं कि आपकी जिंदगी में पैसों की बारिश होने वाली है।
आचार्य चाणक्य की नीतियां और विचार भले ही आपको थोड़ा कठीन लगे लेकिन ये कठोरता ही जीवन की सच्चाई है। जिसे हम अक्सर नजरअंदाज कर देते हैं लेकिन ये वचन जीवन की हर कसौटी पर आपकी मदद करेंगे। आचार्य चाणक्य के इन्हीं विचारों में से आज हम एक और विचार का विश्लेषण करेंगे, जो भाग्य पर आधारित है।
हिंदी पंचांग के अनुसार चतुर्दशी की तिथि साल में चौबीस बार आती है। इसमें से कृष्ण चतुर्दशी, नरक चतुर्दशी एवं अनंत चतुर्दशी का विशेष महत्व है। अनंत चतुर्दशी का पर्व भाद्रपद मास के शुक्ल पक्ष की चतुर्दशी तिथि को मनाया जाता है। इस साल अनंत चतुर्दशी 19 सितंबर, दिन रविवार को पड़ रही है। अनंत चतुर्दशी के दिन भगवान विष्णु के अनंत रूप का पूजन किया जाता है।
रविवार 19 सितंबर का दिन भाद्रपद मास की चतुर्दशी तिथि है। इस दिन भगवान अनंत यानी विष्णु की पूजा की जाएगी। इसी के साथ 10 दिवसीय गणेश उत्सव का समापन भी हो जाएगा। चंद्रमा का दिन रात कुंभ राशि में संचार होगा। जबकि आज कारोबार और व्यापार के कारक ग्रह बुध आज उच्च राशि में चलते हुए सूर्य से मिलकर गजकेसरी योग बना रहे हैं।
शनिवार के दिन पड़ने वाले प्रदोष व्रत कहा जाता है, जो हर माह में दो बार आता है। एक शुक्ल पक्ष में और दूसरा कृष्ण पक्ष में। साल में कुल 24 प्रदोष व्रत पड़ते हैं। इस समय भाद्रपद माह का शुक्ल पक्ष चल रहा है। इस बार भाद्रपद माह के शुक्ल पक्ष की त्रयोदशी तिथि शनिवार को पड़ रही है, ऐसे में यह शनि प्रदोष व्रत है। वैसे कृष्ण पक्ष