पंचांग के अनुसार 08 सितंबर, बुधवार को भाद्रपद मास की शुक्ल पक्ष की द्वितीया तिथि है। इस दिन सर्योदय उत्तरा फाल्गुनी नक्षत्र में होगा, जो शाम 5. 51 तक रहेगी। इसके बाद हस्त नक्षत्र रात अंत तक रहेगा। चंद्रमा इस दिन कन्या राशि में गोचर करेगा।
पंचांग के अनुसार 08 सितंबर, बुधवार को भाद्रपद मास की शुक्ल पक्ष की द्वितीया तिथि है। इस दिन सर्योदय उत्तरा फाल्गुनी नक्षत्र में होगा, जो शाम 5. 51 तक रहेगी। इसके बाद हस्त नक्षत्र रात अंत तक रहेगा। चंद्रमा इस दिन कन्या राशि में गोचर करेगा।
हर रिश्ते की एक मर्यादा होती है। जब मर्यादा तार-तार होने लगती है तो मजबूत से मजबूत रिश्ता टूट जाता है। उन्होने बताय है हर मजबूत रिश्ते को ठीक उसी तरह से सहेज कर रखना चाहिए जिस प्रकार से एक माली अपने बाग की रक्षा और देखभाल करता है।
मनुष्य को कभी ऐसे धन को कभी हाथ नहीं लगाना चाहिए, जिसके कारण आपको कठोर यातना सहनी पड़े। ऐसा धन लेने से न केवल आपको शारीरिक यातना सहनी पड़ती है बल्कि मान-सम्मान की हानि का सामना भी करना पड़ सकता है। उन्होने कहा है बेहतर होता है कि ऐसे धन का त्याग कर देना चाहिए।
हरतालिका तीज व्रत, हिंदू महिलाओं के व्रतों में एक विशेष स्थान रखता है। मान्यता है कि इस व्रत को महिलाएं अखंड सौभाग्य और सुखी दांपत्य जीवन के लिए रखती हैं। इस व्रत को सभी व्रतों में सबसे कठिन माना जाता है क्योंकि यह व्रत निर्जला रखा जाता है। हिंदू पंचांग के अनुसार हरतालिका तीज व्रत भाद्रपद मास के शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि को रखा जाता है।
व्यक्ति को जीवन में मान सम्मान चाहिए तो भूलकर भी न करें किसी की निंदा। उन्होने कहा है निंदा से खतरनाक कोई दूसरा रस नहीं है। जो व्यक्ति इसका आदी होता है उसे सच्चाई और अच्छाई का आभास नहीं हो पाता है। निंदा रस में डूबा व्यक्ति स्वयं का तो अहित करता ही है
जिस स्त्री में धैर्य का गुण होता है वो काफी भाग्यशाली मानी जाती है। उन्होने तर्क दिया है कि इस गुण के कारण वो कठिन से कठिन समय में अपने पति का साथ नहीं छोड़ेगी और अच्छे समय की प्रतिक्षा करेगी।
क्ति जैसे जैसे सफलता की सीढ़ियों को चढ़ने लगता है, उसके शत्रुओं की संख्या भी बढ़ने लगती है। सफल व्यक्ति के जाने-अंजाने कई शत्रु हो सकते हैं। इन सभी से अनुशासन,ज्ञान और स्वभाव से सतर्क रहना चाहिए।
जिन लोगो को कामुकता की लत लग जाती है, उनका जीवन बर्बाद हो जाता है। इससे व्यक्ति मानसिक और शारीरिक दोनों तौर पर खत्म हो जाता है। इसलिए इस आदत का तुरंत त्याग कर देने में ही भलाई है।
व्यक्ति धनवान तभी बन सकता है, जब उसे धन की अहमियत पता होती है। जो व्यक्ति धन का संचय करते हैं। ऐसे लोगों पर मां लक्ष्मी की कृपा बनी रहती है। चाणक्य कहते हैं कि धन की बचत व्यक्ति को कई मुश्किल संकटों से बचाती है
जन्माष्टमी हिन्दुओं का एक ऐसा त्योहार, जो भगवान श्री कृष्ण के जन्मोत्सव पर मनाया जाता है। आपको बता दें कि भगवान श्री कृष्ण का जन्म भाद्रमास में कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि और रोहिणी नक्षत्र में हुआ था। इस साल 30 अगस्त को भगवान श्री कृष्ण का जन्मोत्सव मनाया जाएगा। इस पावन दिन बड़े ही धूम- धाम से भगवान श्री कृष्ण का जन्मोत्सव मनाया जाता है।
व्यक्ति को जीवित रहते हुए समाज के हित में काम कर लेने चाहिए। मौका मिलने पर अच्छे और जनकल्याण के लिए कार्य करने से व्यक्ति को सम्मान प्राप्त होता है। जब तक शरीर में रोग नहीं है, तभी तक व्यक्ति जन हित में काम कर सकता है।
जब शत्रु अधिक शक्तिशाली हो और ये दिखाई भी न दे, अधिक सतर्कता बरतनी चाहिए। ऐसा शत्रु अधिक घातक और खतरनाक हो सकता है। शत्रु जब अधिक बलशाली हो तो छिप जाने में ही भलाई है।
आचार्य चाणक्य ने नीतिशास्त्र में स्त्रियों के कई गुणों और अवगुणों का किया है उल्लेख, महिलाएं पुरुषों की अपेक्षा होती हैं अधिक साहसी। महिलाओं को पुरुषों से दोगुनी लगती है भूख।
औषधियों में गुरच सर्वश्रेष्ठ है और सभी सुखों में भोजन परम सुख होता है। सभी इंद्रियों में आंखें सबसे महत्वपूर्ण हैं और मस्तिष्क सबसे प्रमुख है। इसलिए सेहतमंद भोजन करें, गुरच का सेवन करें, आंखों का खयाल रखें और दिमाग को तनावमुक्त रखें।
अच्छी पत्नी वो है, जो मन से पवित्र हो और अपने पति से ही प्यार करे। साथ ही पतिव्रता होने का पालन करे। आचार्य चाणक्य का तर्क है कि राय में जिस पत्नी को पति से प्यार हो, जो अपने पति से सत्य बोले उस स्त्री के साथ रहकर किसी भी पुरूष का जीवन सफल हो जाता है। जो स्त्री असत्य बोलती है, उसके पति हमेशा दुखी रहतें हैं।