नागरिकता संशोधन कानून CAA और नेशनल रजिस्टर NRC को लेकर देश भर में हिंसा हुई। उत्तर प्रदेश में भी कई जिलों में इस कानून को लेकर जबरदस्त विरोध प्रदर्शन किया गया जिसमें कई लोगों की जान गई थी। पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया PFI के यूपी में हुई हिंसा को भड़काने में कई सबूत मिले थे। जिसके बाद से इस संगठन को बैन करने की मांग तेज हो गई थी। अब यूपी के डीजीपी ओपी सिंह ने अपने बयान में कहा है कि पीएफआई के खिलाफ उनके पास पुख्ता सबूत है।
यूपी डीजीपी ओपी सिंह ने कहाकि, पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया (पीएफआई) इस (हाल की हिंसा) में सक्रिय रूप से शामिल थे, जिसकी वहज से हमने उनके 25 सदस्यों को गिरफ्तार किया है। हमारे पास उनके खिलाफ पर्याप्त सबूत हैं।
केंद्रीय मंत्री रविशंकर प्रसाद ने कहा था कि, यूपी की हिंसा में पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया (PFI) की भूमिका आगे आ रही है, गृह मंत्रालय सबूतों के आधार पर आगे की कार्रवाई तय करेगा। उन पर स्टूडेंट्स इस्लामिक मूवमेंट ऑफ इंडिया (सिमी) से संबंध सहित कई आरोप हैं।