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पश्चिम बंगाल चुनाव के बाद हिंसा मामले सीबीआई की बड़ी कार्रवाई, दर्ज किए नौ मामले, हो सकती है पूछताछ…

पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के बाद हिंसा मामले गुरुवार को सीबीआई ने बड़ी कार्रवाई करते हुए कुल नौ मामले दर्ज किए हैं। सूत्रों के मुताबिक सीबीआई की सभी चार इकाइयां कोलकाता से अपने दलों को संबंधित अपराध स्थलों पर भेज रही हैं। माना जा रहा है कि इन मामलों की जांच के दौरान पश्चिम बंगाल सरकार और केंद्र सरकार के बीच एक बार फिर तनातनी बढ़ेगी।

By: Amit ranjan 
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पश्चिम बंगाल चुनाव के बाद हिंसा मामले सीबीआई की बड़ी कार्रवाई, दर्ज किए नौ मामले, हो सकती है पूछताछ…

नई दिल्ली : पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के बाद हिंसा मामले गुरुवार को सीबीआई ने बड़ी कार्रवाई करते हुए कुल नौ मामले दर्ज किए हैं। सूत्रों के मुताबिक सीबीआई की सभी चार इकाइयां कोलकाता से अपने दलों को  संबंधित अपराध स्थलों पर भेज रही हैं। माना जा रहा है कि इन मामलों की जांच के दौरान पश्चिम बंगाल सरकार और केंद्र सरकार के बीच एक बार फिर तनातनी बढ़ेगी। सीबीआई सूत्रों के मुताबिक अभी इस मामले में और भी मुकदमे दर्ज किए जा सकते हैं।

केंद्रीय जांच ब्यूरो ने कोलकाता हाई कोर्ट के निर्देश पर पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के बाद हुई हिंसा के बाद हत्या और बलात्कार के मामलों की जांच शुरू कर दी है। सीबीआई ने इस बाबत अभी तक कुल 9 मुकदमे दर्ज किए हैं जिनमें से एक बलात्कार का और 8 हत्या के बताए जा रहे हैं। सीबीआई ने इन मामलों की जांच के लिए 4 विशेष जांच टीमों का गठन किया था जिसमें चार संयुक्त निदेशक शामिल हैं और प्रत्येक टीम में 25 अधिकारी कर्मचारी रखे गए हैं।

कलकत्ता हाईकोर्ट ने सीबीआई को दी थी जांच की जिम्मेदारी

बता दें कि इससे पहले 19 अगस्त को कलकत्ता हाईकोर्ट ने मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को बड़ा झटका देते हुए चुनाव के बाद हुई हिंसा की जांच सीबीआई को सौंप दी थी। हाईकोर्ट ने आदेश देते हुए कहा था कि सीबीआई अदालत की निगरानी में ही जांच करेगी। हाईकोर्ट ने कहा था कि हत्या और दुष्कर्म के मामलों की जांच सीबीआई करेगी, वहीं अन्य मामलों की जांच एसआईटी करेगी।

मानवाधिकार आयोग ने की सिफारिश

मानवाधिकार आयोग की जांच कमेटी ने अपनी रिपोर्ट में ममता बनर्जी सरकार को दोषी माना था। आयोग ने अपनी रिपोर्ट में कहा था कि दुष्कर्म व हत्या जैसे मामलों की जांच सीबीआई से कराई जाए और इन मामलों की सुनवाई बंगाल के बाहर हो। वहीं अन्य मामलों की जांच विशेष जांच दल(एसआईटी) से कराई जानी चाहिए। संबंधितों पर मुकदमे के लिए फास्ट ट्रैक कोर्ट बनाई जाए, विशेष लोक अभियोजक तैनात किए जाएं और गवाहों को सुरक्षा मिले।

चुनाव परिणाम के बाद भड़की थी हिंसा

बता दें कि दो मई को विधानसभा परिणामों की घोषणा के बाद, पश्चिम बंगाल के कई शहरों में चुनाव के बाद हिंसा की घटनाएं हुईं। इस घटना के बाद राज्यपाल धनखड़ ने हिंसा प्रभावित कई क्षेत्रों का दौरा किया था।

सूत्रों ने बताया कि मामले की जांच के दौरान सीबीआई इन मामलों में शामिल टीएमसी के कुछ कार्यकर्ताओं और नेताओं से भी पूछताछ कर सकती है। क्योंकि जिन लोगों की हत्या हुई हैं उनमें से कुछ के परिजनों ने यह आरोप लगाया था कि उनके परिवार को टीएमसी के कार्यकर्ताओं द्वारा जानबूझकर निशाना बनाया जा रहा है।

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