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एक ऐसी मां जिसने बेटे की चिता की राख को बनाया अपना बिछौना, याद आती तो सिसकते हुए वहीं सो जाती

By: Amit ranjan 
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एक ऐसी मां जिसने बेटे की चिता की राख को बनाया अपना बिछौना, याद आती तो सिसकते हुए वहीं सो जाती

नई दिल्ली : मां एक ऐसा शब्द, जिसमें प्यार, साहस, प्रेरणा और कुछ करने का जज्बा शामिल होता है। कहा जाता है कि हर मां की एक अलग कहानी होती है, लेकिन आज हम आपको जिस मां की कहानी बताने जा रहे है, उसे पढ़कर आप भी भावुक हो जाएंगे। जो अपने ममता के सामने बेबस है। उसके बेटे की मौत हो चुकी है, लेकिन जब उसको अपने बेटे की याद आती है तो वो उसकी चिता की राख को अपना बिस्तर बनाकर उस पर सो जाती है।

चार महीने पहले बेटे की हो गई मौत

दरअसल, यह मार्मिक कहानी गुजरात के बनासकांठा जिले के अमीरगढ़ इलाके की है। जहां जूनीरोह गांव की रहने वाली मंगूबेन चौहाण नाम की महिला रहती है। चार महीने पहले उसके बेटे महेश की एक हादसे में मौत हो गई। लेकिन मृतक की मां अभी भी इस सदमे से बाहर नहीं निकल पाई है। वह अपने बेटे की याद में अंतिम संस्कार वाली जगह पर पहुंचकर वहां पर सो जाती है।

श्माशान बना मां का अशियाना

परिवार के लोगों ने बताया कि जब मंगूबेन घर में नहीं दिखाई देती तो हम श्मशान पहुंच जाते हैं। जहां पर महेश का अंतिम संस्कार हुआ था। वह वहीं पर हमको सोते हुए मिलती है। किसी तरह हम उसे घर लेकर आते हैं। लेकिन कुछ दिन बाद वह फिर वहां चली जाती है। यह सिलसिला पिछले चार महीनों से चल रहा है।

अब जरा आप बताईये, जो मां अपने बच्चों के लिए सब कुछ त्याग देती है, जब उन्हें उन्हीं बच्चों की जरूरत होती है, तो वे अकेला छोड़ चले जाते है। क्या यही है, हमारी परंपरा। नहीं, हमारा संस्कार और हमारी परंपरा ये नहीं है। अगर आप अब भी अपने माता-पिता के लिए सचेत नहीं हुए तो आने वाले समयों में आप भी दर-दर को भटकने को मजबूर होंगे। और हां, इस मां की मार्मिक कहानी से अगर आपको कुछ सीख मिला, तो कमेंट कर जरूर बताएं।

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