नागरिकता कानून के पास होने के बाद से ही लगातार देश में एक वर्ग सरकार के इस कदम की आलोचना कर रहा है और सरकार पर यह आरोप लगाए जा रहे है कि मुस्लिमों को प्रताड़ित करने के लिए यह बिल लाया जा रहा है।
दिल्ली के शाहीन बाग़ में पिछले 70 दिनों से धरने पर लोग बैठे है, और सुप्रीम कोर्ट की मध्यस्थता के बाद ही सही रास्ता खुलने की उम्मीद जगी है लेकिन अब और एक जगह को शाहीन बाग़ बनाने की तैयारी है और वो है जाफ़राबाद।
दरअसल नागरिकता संशोधन कानून के विरोध में जाफराबाद रोड पर धरने पर बैठी महिलाएं देर रात जाफराबाद मुख्य सड़क पर उतर आईं। इस दौरान नारेबाजी करते हुए एक तरफ से रास्ते को बंद कर दिया। प्रदर्शनकारी महिलाएं जाफराबाद मेट्रो स्टेशन परिसर में जमी हैं।
वही एहतियातन मेट्रो भी बंद कर दी गयी है, अधिकारियों ने प्रदर्शन कर रही महिलाओं व लोगों को समझाने का प्रयास किया लेकिन जब वह तैयार नहीं हुए तो पुलिस व अर्द्धसैनिक बलों ने महिलाओं को खदेड़ दिया। आपको यह भी बता दे कि दिसंबर माह में जाफराबाद और सीलमपुर में सीएए को लेकर हिंसक प्रदर्शन हुए थे।