नई दिल्ली : अगर किसी महिला का वजन 300KG हो तो सोचिये क्या होगा। वो ना तो सहीं से चल पायेगी और ना सहीं से घूम पायेगी। वहीं पड़े-पड़े उसके शरीर में कीड़े लग जाएंगे। ऐसा कुछ गुजरात के राजकोट की सरलाबेन नाम की महिला के साथ हुआ था। जिनका वजन इतना बढ़ गया था कि वो सहीं से हिलडुल भी नहीं पाती थीं। एक ही जगह पर पड़े-पड़े उनका शरीर सड़ने लगा था। उन्हें असहनीय दर्द भी हो रहा था।

वो अपने इलाज के लिए अस्पताल जाना चाहती थीं, लेकिन शरीर का वजन 300 किलोग्राम होने के कारण वो सहीं से एक जगह से हिल भी नहीं सकती थी। हालांकि इस बात की खबर जब एक गैर-सरकारी संस्था और फायरफाइटर्स को मिली तो उन्होंने इस महिला को अस्पताल ले जाने में मदद की।
आपको बता दें कि 300 किलो वजनी सरलाबेन की स्थिति इतनी खराब थी कि वो कई बार एक ही स्थान पर एक ही स्थिति में 15 से 20 दिन तक पड़ी रहती हैं। राजकोट की गैर-सरकारी संस्था साथी सेवा ग्रुप की जलपाबेन पटेल, उनकी टीम और फायरफाइटर विभाग ने मिलकर राजकोट सिविल अस्पताल पहुंचाया। फिर उनका इलाज शुरू हुआ।

बता दें कि अस्पताल पहुंचने से पहले तीन अलग-अलग आकार की एंबुलेंस बुलाई गई थीं लेकिन वो उनमें जा नहीं सकीं। फिर फायरफाइटर टीम की मदद से उन्हें अस्पताल पहुंचाया गया। गुजरात की स्थानीय मीडिया के मुताबिक सरलाबेन को अस्पताल में सबसे पहले नीचे जमीन पर लिटाया गया। बाद में उन्हें अस्पताल में बेड मिला।
आपको बता दें कि सरलाबेन का वजन इतना ज्यादा है कि एक ही जगह पर लेटे-लेटे उनके शरीर में घाव हो चुके हैं। सरलाबेन के पति कांतिभाई पित्रोदा दुबई में मजदूरी करते हैं। वो पिछले 10 साल से घर नहीं आए थे, लेकिन अभी जब उन्हें पत्नी का पता चला तो उन्होंने NGO से मदद मांगी। जब सरलाबेन अस्पताल में भर्ती हुई तो कांतिभाई भी आ गए। इनका 13 साल का बेटा है, जो अपनी मां की सेवा में लगा रहता है।

राजकोट सिविल अस्पताल के डॉक्टरों ने बताया कि सरलाबेन का इलाज करने के लिए उन्हें अहमदाबाद के अस्पताल में भर्ती कराया जाएगा। इसके लिए भी साथी सेवा ग्रुप ने सहमति जताई है, जो सरलाबेन की मदद करेगी।