सीहोर जिले के भैरुंदा में पुलिस ने बंद ऋतु के दौरान अवैध मछली परिवहन के खिलाफ कार्रवाई करते हुए एक टाटा सफारी से करीब दो क्विंटल मछली जब्त की। चालक वैध दस्तावेज प्रस्तुत नहीं कर सका, जिसके बाद वाहन और मछली जब्त कर मामला दर्ज किया गया।
सीहोर जिले के भैरुंदा में पुलिस ने बंद ऋतु के दौरान अवैध मछली परिवहन के खिलाफ कार्रवाई करते हुए एक टाटा सफारी से करीब दो क्विंटल मछली जब्त की। चालक वैध दस्तावेज प्रस्तुत नहीं कर सका, जिसके बाद वाहन और मछली जब्त कर मामला दर्ज किया गया।
सीहोर के भेरूंदा क्षेत्र में एक परिवार ने आरोप लगाया है कि दलाल के माध्यम से कराई गई शादी के तीन दिन बाद नवविवाहिता कीमती गहने लेकर लापता हो गई। पीड़ित परिवार ने जनसुनवाई में शिकायत देकर जांच और कार्रवाई की मांग की है।
सीहोर जिले के पीपलखेड़ा गांव के दिव्यांग व्यक्ति सुखवेंद्र दांगी ने आरोप लगाया है कि दबंग लोग उन्हें प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत स्वीकृत मकान का निर्माण नहीं करने दे रहे हैं और धमकी दे रहे हैं। उन्होंने जनसुनवाई में आवेदन देकर प्रशासन से सुरक्षा और कार्रवाई की मांग की है। मामले की जांच के बाद स्थिति स्पष्ट होगी।
सीहोर जिले की 95 वर्षीय बुजुर्ग महिला वक्ता बाई व्हील चेयर पर बैठकर जनसुनवाई में पहुंचीं और बेटों द्वारा देखभाल नहीं किए जाने की शिकायत की। महिला ने अपनी 15 एकड़ जमीन वापस दिलाने और भरण-पोषण की मांग की। अतिरिक्त कलेक्टर ने मामले में एसडीएम को कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।
सीहोर में आशा कार्यकर्ताओं ने लंबित मानदेय और अन्य मांगों को लेकर कलेक्टोरेट के सामने प्रदर्शन करते हुए चक्का जाम कर दिया। प्रदर्शन के चलते पुराने भोपाल-इंदौर मार्ग पर यातायात प्रभावित हुआ। कार्यकर्ताओं ने चेतावनी दी है कि मांगों का समाधान नहीं होने तक उनका आंदोलन जारी रहेगा।
सीहोर के भैरुंदा में मूंग की शत-प्रतिशत समर्थन मूल्य पर खरीदी की मांग को लेकर किसानों ने ट्रैक्टर मार्च निकालकर इंदौर-भोपाल और भैरुंदा-इंदौर हाईवे पर चक्काजाम कर दिया। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव सरकार से खरीदी प्रक्रिया में बदलाव की मांग करते हुए किसान जिला कलेक्टर से सीधे वार्ता पर अड़े रहे।
सीहोर के वार्ड क्रमांक-1 में सड़क और नाली निर्माण नहीं होने की शिकायत को लेकर स्थानीय लोगों का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। रहवासियों का कहना है कि बारिश के कारण समस्याएं बढ़ गई हैं और कई शिकायतों के बावजूद अब तक समाधान नहीं हुआ है। प्रशासन की आधिकारिक प्रतिक्रिया का इंतजार है।
सीहोर जिले के आष्टा क्षेत्र में रातभर हुई भारी बारिश के बाद नदी-नाले उफान पर हैं, जिससे कई गांवों का संपर्क टूट गया है। भंवरा और दुपाड़िया क्षेत्र में पुल-पुलियों पर तेज बहाव के कारण आवागमन बंद है। प्रशासन ने लोगों से जलमग्न मार्गों से दूर रहने की अपील की है।
सीहोर के ढाकनी–मुगली मार्ग पर पापनास नदी के पुल पर बारिश के कारण जलभराव और तेज बहाव की स्थिति बनी हुई है। प्रशासन ने सुरक्षा के लिए पुलिस और कोटवार तैनात किए हैं तथा नागरिकों से सुरक्षित और वैकल्पिक मार्ग अपनाने की अपील की है।
सीहोर जिला अस्पताल के आईसीयू वार्ड में छत से पानी टपकने का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ है। वीडियो के बाद अस्पताल की व्यवस्थाओं और मरीजों की सुरक्षा को लेकर सवाल उठ रहे हैं। स्थानीय लोगों ने मामले की जांच और तत्काल सुधारात्मक कार्रवाई की मांग की है।
सीहोर जिले के बुधनी में नो एंट्री नियमों के बावजूद भारी वाहनों की आवाजाही से नाराज नागरिकों ने तहसीलदार को ज्ञापन सौंपा। उन्होंने भारी वाहनों पर रोक, बेसहारा मवेशियों को हटाने और सड़क किनारे जमा रेत की सफाई की मांग की। प्रशासन ने आवश्यक कार्रवाई का आश्वासन दिया।
सीहोर जिले के बुधनी में दो दिवसीय ‘ब्लॉक विजनिंग – साझा सपना, साझा विकास’ कार्यशाला शुरू हुई। इसमें 22 ग्राम पंचायतों के जनप्रतिनिधि, अधिकारी और महिला समूहों की भागीदारी के साथ विकसित भारत 2047 के लक्ष्य को ध्यान में रखते हुए विकासखंड का सहभागी विकास रोडमैप तैयार किया जा रहा है।
सीहोर जिले की आष्टा विधानसभा में विधायक गोपाल सिंह इंजीनियर ने साप्ताहिक जनसुनवाई के दौरान क्षेत्रवासियों की समस्याएं सुनीं। इस अवसर पर सड़क, बिजली, पानी, स्वास्थ्य, किसानों और रोजगार जैसे मुद्दों पर विशेष चर्चा हुई। इंटरव्यू में जनसुनवाई की पारदर्शिता, शिकायतों के निराकरण और क्षेत्र की विकास योजनाओं को लेकर भी महत्वपूर्ण सवाल पूछे गए।
सीहोर के सलकनपुर देवी धाम के मुख्य मार्ग पर बाघ दिखाई देने से श्रद्धालुओं में दहशत फैल गई। लगभग 10 लोगों ने बाघ को सड़क के करीब देखा, जिसके बाद कुछ समय के लिए आवागमन प्रभावित हुआ। प्रशासन और वन विभाग ने लोगों से सतर्क रहने की अपील की है और क्षेत्र में निगरानी बढ़ा दी गई है।
कांग्रेस नेता विक्रम शर्मा मस्ताल ने सीहोर के सलकनपुर स्थित मां बिजासन देवी धाम के प्रबंधन और वित्तीय पारदर्शिता को लेकर सवाल उठाते हुए उच्च स्तरीय जांच की मांग की है। उन्होंने मंदिर में मिलने वाले दान और चढ़ावे का सार्वजनिक लेखा-जोखा जारी करने तथा सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा की मांग की। फिलहाल मंदिर प्रबंधन की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है।