मध्यप्रदेश के सीहोर जिले के बुधनी विकासखंड में ‘विकसित भारत 2047’ के लक्ष्य को ध्यान में रखते हुए दो दिवसीय “ब्लॉक विजनिंग – साझा सपना, साझा विकास” कार्यशाला का शुभारंभ किया गया। जनपद पंचायत बुधनी की पहल पर आयोजित इस कार्यशाला का उद्देश्य स्थानीय स्तर पर जनभागीदारी के माध्यम से विकासखंड का दीर्घकालिक विकास रोडमैप तैयार करना है।
जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों की रही सक्रिय भागीदारी
कार्यशाला में विकासखंड की 22 ग्राम पंचायतों के सरपंच, विभिन्न विभागों के अधिकारी, स्वयं सहायता समूहों की महिला प्रतिनिधि और क्लस्टर लेवल फेडरेशन के सदस्य शामिल हुए। सभी प्रतिभागियों ने स्थानीय जरूरतों और विकास से जुड़े मुद्दों पर अपने सुझाव साझा किए।
कार्यशाला के पहले दिन शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार एवं आजीविका, पेयजल, स्वच्छता, महिला सशक्तिकरण, जलवायु परिवर्तन और आधारभूत संरचना जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर समूह चर्चा आयोजित की गई। इस दौरान स्थानीय चुनौतियों की पहचान करने के साथ उनके व्यावहारिक समाधान और भविष्य की प्राथमिकताओं पर विचार-विमर्श किया गया।

कार्यशाला के दूसरे दिन विभिन्न विभागों, ग्राम पंचायतों और सामुदायिक संस्थाओं की सहभागिता से साझा विजन स्टेटमेंट और वार्षिक विकास योजना तैयार की जाएगी। इसी आधार पर बुधनी विकासखंड का व्यापक ब्लॉक विजन दस्तावेज तैयार किया जाएगा, जो आने वाले वर्षों में विकास कार्यों की दिशा तय करेगा।
इस कार्यशाला में तकनीकी सहयोग ट्रांसफॉर्म रूरल इंडिया (TRI की टीम द्वारा प्रदान किया जा रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि यह पहल स्थानीय शासन को अधिक प्रभावी बनाने, विभागीय समन्वय बढ़ाने और जनभागीदारी आधारित विकास मॉडल को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।