मध्यप्रदेश के खंडवा जिले के बमनगांव आखई में “विकसित भारत-गारंटी फॉर रोजगार एवं आजीविका मिशन (ग्रामीण)” यानी वीबी-जीरामजी योजना का जिला स्तरीय शुभारंभ किया गया। कार्यक्रम में जनजातीय कार्य विभाग के मंत्री डॉ. विजय शाह मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। इस अवसर पर सांसद, विधायक, जनप्रतिनिधि और बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मंत्री डॉ. विजय शाह ने कहा कि नई योजना ग्रामीण गरीब और मजदूर परिवारों के लिए महत्वपूर्ण साबित होगी। उन्होंने बताया कि अब पात्र ग्रामीण परिवारों को वर्ष में 100 दिनों के बजाय 125 दिनों के रोजगार की वैधानिक गारंटी मिलेगी। साथ ही योजना के लिए पहले की तुलना में अधिक बजट का प्रावधान भी किया गया है।
मंत्री ने बताया कि यदि किसी पात्र मजदूर को काम मांगने के बावजूद रोजगार उपलब्ध नहीं कराया जाता है तो उसे नियमानुसार बेरोजगारी भत्ता दिया जाएगा। इसके अलावा मजदूरी भुगतान में देरी होने पर संबंधित मजदूर को विलंब अवधि का मुआवजा भी प्रदान किया जाएगा।

कार्यक्रम में बताया गया कि योजना के तहत जल संरक्षण, आजीविका संवर्धन, ग्रामीण अधोसंरचना, भवन निर्माण, पक्की सड़क, बाउंड्रीवाल सहित विभिन्न विकास कार्य कराए जाएंगे। इसका उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार के अवसर बढ़ाने के साथ स्थानीय विकास को गति देना है।
सांसद ज्ञानेश्वर पाटिल ने कहा कि नई योजना से रोजगार के अधिक अवसर उपलब्ध होंगे और ग्रामीणों को स्थानीय स्तर पर काम मिलेगा। वहीं, जनप्रतिनिधियों ने कहा कि योजना में महिला स्व-सहायता समूहों की भागीदारी बढ़ाई जाएगी, जिससे महिलाओं की आर्थिक भागीदारी और आत्मनिर्भरता को मजबूती मिलेगी।
कार्यक्रम के समापन पर मंत्री डॉ. विजय शाह, सांसद ज्ञानेश्वर पाटिल एवं अन्य जनप्रतिनिधियों ने पौधारोपण किया। इस दौरान “एक पेड़ मां के नाम” अभियान के तहत अधिक से अधिक पौधे लगाने और उनके संरक्षण का संदेश भी दिया गया।