मध्यप्रदेश के बालाघाट जिले के लालबर्रा में किसान गर्जना संगठन ने किसानों से जुड़ी विभिन्न समस्याओं को लेकर प्रधानमंत्री, मुख्यमंत्री और केंद्रीय कृषि मंत्री के नाम तहसीलदार को ज्ञापन सौंपा। संगठन ने विशेष रूप से खाद की बढ़ी हुई कीमतों को तत्काल वापस लेने की मांग की।
संगठन के प्रतिनिधियों का कहना है कि खाद के दामों में वृद्धि से पहले से ही आर्थिक संकट झेल रहे किसानों पर अतिरिक्त बोझ पड़ गया है। उनका आरोप है कि एक ओर सरकार किसानों की आय बढ़ाने की बात करती है, वहीं दूसरी ओर कृषि लागत लगातार बढ़ती जा रही है। किसानों ने कहा कि बीज, डीजल, बिजली और कृषि उपकरणों की कीमतों में बढ़ोतरी के कारण खेती अब घाटे का सौदा बनती जा रही है।
संगठन का कहना है कि खेती की लागत लगातार बढ़ रही है, जबकि किसानों को उनकी उपज का उचित मूल्य नहीं मिल पा रहा है। ऐसे में खाद के दाम बढ़ाना किसानों के हितों के खिलाफ है।

संगठन ने सरकार से निम्नलिखित मांगें रखी हैं—
1. खाद के बढ़े हुए दाम तत्काल वापस लिए जाएं
2. किसानों को पुरानी दरों पर पर्याप्त मात्रा में खाद उपलब्ध कराई जाए
3. खाद की कालाबाजारी और कृत्रिम कमी पर सख्त कार्रवाई हो
4. कृषि लागत कम करने के लिए विशेष राहत पैकेज लागू किया जाए
5. किसानों से जुड़े सभी निर्णय किसान संगठनों से चर्चा के बाद लिए जाएं
किसान गर्जना संगठन ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगों पर जल्द निर्णय नहीं लिया गया तो पूरे प्रदेश में चरणबद्ध आंदोलन किया जाएगा। इसके तहत तहसील, जिला और खाद वितरण केंद्रों पर धरना-प्रदर्शन और विरोध प्रदर्शन किए जाएंगे।