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बालाघाट में किसान गर्जना संगठन का ज्ञापन, खाद के दामों में बढ़ोतरी वापस लेने की मांग तेज

बालाघाट के लालबर्रा में किसान गर्जना संगठन ने खाद के दामों में बढ़ोतरी के खिलाफ तहसीलदार को ज्ञापन सौंपा। संगठन ने दाम वापस लेने, कालाबाजारी रोकने और किसानों के लिए राहत पैकेज की मांग की है। मांग पूरी न होने पर प्रदेशव्यापी आंदोलन की चेतावनी दी गई है।

By: Nivedita 
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बालाघाट में किसान गर्जना संगठन का ज्ञापन, खाद के दामों में बढ़ोतरी वापस लेने की मांग तेज

मध्यप्रदेश के बालाघाट जिले के लालबर्रा में किसान गर्जना संगठन ने किसानों से जुड़ी विभिन्न समस्याओं को लेकर प्रधानमंत्री, मुख्यमंत्री और केंद्रीय कृषि मंत्री के नाम तहसीलदार को ज्ञापन सौंपा। संगठन ने विशेष रूप से खाद की बढ़ी हुई कीमतों को तत्काल वापस लेने की मांग की।

किसानों पर बढ़ता आर्थिक बोझ बताया कारण

संगठन के प्रतिनिधियों का कहना है कि खाद के दामों में वृद्धि से पहले से ही आर्थिक संकट झेल रहे किसानों पर अतिरिक्त बोझ पड़ गया है। उनका आरोप है कि एक ओर सरकार किसानों की आय बढ़ाने की बात करती है, वहीं दूसरी ओर कृषि लागत लगातार बढ़ती जा रही है। किसानों ने कहा कि बीज, डीजल, बिजली और कृषि उपकरणों की कीमतों में बढ़ोतरी के कारण खेती अब घाटे का सौदा बनती जा रही है।

किसानों की आय और लागत में असंतुलन पर चिंता

संगठन का कहना है कि खेती की लागत लगातार बढ़ रही है, जबकि किसानों को उनकी उपज का उचित मूल्य नहीं मिल पा रहा है। ऐसे में खाद के दाम बढ़ाना किसानों के हितों के खिलाफ है।

 

किसान गर्जना संगठन की प्रमुख मांगें

संगठन ने सरकार से निम्नलिखित मांगें रखी हैं—

1. खाद के बढ़े हुए दाम तत्काल वापस लिए जाएं
2. किसानों को पुरानी दरों पर पर्याप्त मात्रा में खाद उपलब्ध कराई जाए
3. खाद की कालाबाजारी और कृत्रिम कमी पर सख्त कार्रवाई हो
4. कृषि लागत कम करने के लिए विशेष राहत पैकेज लागू किया जाए
5. किसानों से जुड़े सभी निर्णय किसान संगठनों से चर्चा के बाद लिए जाएं

आंदोलन की चेतावनी भी दी गई

किसान गर्जना संगठन ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगों पर जल्द निर्णय नहीं लिया गया तो पूरे प्रदेश में चरणबद्ध आंदोलन किया जाएगा। इसके तहत तहसील, जिला और खाद वितरण केंद्रों पर धरना-प्रदर्शन और विरोध प्रदर्शन किए जाएंगे।

 

रिपोर्ट – विशाल महानंद

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