नई दिल्ली, 19 अगस्त 2026। केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने बुधवार को गुजरात और सिक्किम के कृषि मंत्रियों एवं अधिकारियों के साथ वर्चुअल बैठक की। बैठक में प्रधानमंत्री राष्ट्रीय कृषि विकास योजना (PM-RKVY) और कृषोन्नति योजना (KY) की प्रगति की समीक्षा की गई। इस दौरान दोनों राज्यों के लिए कुल ₹275.52 करोड़ की दूसरी मदर सैंक्शन जारी करने का निर्णय लिया गया।
बैठक में गुजरात के लिए कुल ₹224.94 करोड़ मंजूर किए गए हैं। इसमें PM-RKVY के तहत ₹181.62 करोड़ और कृषोन्नति योजना के तहत ₹43.32 करोड़ शामिल हैं। इस राशि का उपयोग कृषि विकास, सूक्ष्म सिंचाई, कृषि यंत्रीकरण, जैविक खेती, मृदा एवं जल संरक्षण और कृषि-वनीकरण जैसी गतिविधियों में किया जाएगा।
सिक्किम को दोनों योजनाओं के तहत कुल ₹50.58 करोड़ की राशि स्वीकृत की गई है। इसमें PM-RKVY के लिए ₹47.37 करोड़ और कृषोन्नति योजना के तहत ₹3.21 करोड़ शामिल हैं। राज्य में कृषि यंत्रीकरण, सूक्ष्म सिंचाई, मृदा संरक्षण, कृषि-वनीकरण और टिकाऊ कृषि पद्धतियों को बढ़ावा देने पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।
केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि केंद्र सरकार का लक्ष्य कृषि को आधुनिक, टिकाऊ और किसानों के लिए अधिक लाभकारी बनाना है। इसके लिए बेहतर कृषि तकनीक, गुणवत्तापूर्ण इनपुट, सिंचाई सुविधाओं, डिजिटल सेवाओं और कृषि यंत्रीकरण को बढ़ावा दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि योजनाओं का उद्देश्य केवल राशि जारी करना नहीं, बल्कि उसका प्रभाव किसानों के खेत तक दिखाई देना है।
गुजरात और सिक्किम में कृषोन्नति योजना के तहत कृषि विस्तार, बीज एवं रोपण सामग्री, बागवानी, डिजिटल कृषि, खाद्य एवं पोषण सुरक्षा, तिलहन और दलहन से जुड़ी गतिविधियों को बढ़ावा दिया जाएगा। इसके साथ ही सिक्किम में जैविक और प्राकृतिक खेती जैसी पर्यावरण अनुकूल कृषि पद्धतियों पर भी विशेष ध्यान दिया जाएगा।
शिवराज सिंह चौहान ने दोनों राज्यों के अधिकारियों को स्वीकृत राशि का पारदर्शी और समयबद्ध उपयोग सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि योजनाओं का लाभ पात्र किसानों तक पहुंचना चाहिए और स्वीकृत परियोजनाओं की नियमित निगरानी की जानी चाहिए। उन्होंने राज्यों से स्थानीय जरूरतों और किसानों की प्राथमिकताओं के अनुसार योजनाओं को लागू करने पर भी जोर दिया।
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि केंद्र और राज्य सरकारों के बीच मजबूत समन्वय से कृषि योजनाओं का प्रभाव बढ़ाया जा सकता है। कृषि यंत्रीकरण, सिंचाई, बागवानी, डिजिटल तकनीक और कृषि-वनीकरण जैसे क्षेत्रों में निवेश से किसानों की आय बढ़ाने के साथ ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिलेगी। बैठक में दोनों राज्यों के कृषि मंत्री, केंद्रीय कृषि मंत्रालय के अधिकारी और संबंधित राज्य सरकारों के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।