जरूरतमंदों को गर्म चाय पिलाई, ठंड से बचाव के लिए कंबल किए वितरित...
जरूरतमंदों को गर्म चाय पिलाई, ठंड से बचाव के लिए कंबल किए वितरित...
दूषित पानी से मौतों के बाद CM मोहन यादव का बड़ा प्रशासनिक फैसला...
निशातपुरा में बन रहा यह आरओबी देश का पहला ऐसा रेल ओवर ब्रिज होगा, जो एक साथ सात रेलवे ट्रैकों के ऊपर से गुजरेगा। यह महत्वाकांक्षी परियोजना अत्याधुनिक तकनीक और मजबूत संरचना के साथ विकसित की जा रही है।
मुख्यमंत्री ने जवाबदेही तय करते हुए इंदौर नगर निगम के आयुक्त और अपर आयुक्त को तत्काल कारण बताओ नोटिस जारी करने के आदेश दिए हैं। साथ ही, अपर आयुक्त को तत्काल प्रभाव से इंदौर से हटाने तथा प्रभारी अधीक्षण यंत्री से जल वितरण कार्य विभाग का प्रभार वापस लेने के निर्देश भी दिए गए हैं।
सबकी समृद्धि और खुशहाली ही सरकार का पारितोषिक, 2026 होगा किसान कल्याण वर्ष...
नागदा में विवाह समारोह में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और कर्नाटक के राज्यपाल हुए शामिल, नवदंपति को दिया आशीर्वाद...
दूषित पानी से मौतों पर उमा भारती का तीखा हमला...
नगर निगम मंचों से नल-जल योजना की सफलता के बड़े-बड़े दावे करता रहा है, लेकिन वार्ड 17 की जमीनी हकीकत इन दावों की पोल खोलती नजर आ रही है। स्थानीय महिलाओं ने आक्रोश व्यक्त करते हुए नगर निगम और वार्ड पार्षद पर गंभीर आरोप लगाए हैं।
युवाओं, समाज के प्रमुख जनों और मातृशक्ति से करेंगे संवाद...
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव खाचरौद में 35.40 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित सांदीपनि विद्यालय का लोकार्पण करेंगे। इसके साथ ही 9.10 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाले संयुक्त तहसील कार्यालय भवन का भूमिपूजन भी किया जाएगा।
“समृद्ध किसान-समृद्ध प्रदेश” रही किसान कल्याण वर्ष 2026 की थीम...
प्रदर्शन कर रहे किसानों का कहना है कि उनकी जमीन डूब जाने से आजीविका का मुख्य साधन खत्म हो गया है। मुआवजा नहीं मिलने की वजह से कई परिवार बेघर होने की कगार पर हैं।
प्रदेश की सुख-समृद्धि और खुशहाली के लिए की प्रार्थना...
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में प्रदेश में नगर वाहन सेवा और अंतर्शहरी बस सेवा को और अधिक सुलभ बनाने के उद्देश्य से मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा प्रारंभ करने को स्वीकृति दी जा चुकी है।
शहर की पुरानी जल वितरण अधोसंरचना जर्जर हो चुकी थी। ट्यूबवेल-आधारित आपूर्ति, पाइपलाइन लीकेज और दूषित जल मिलावट का जोखिम बना रहता था। साथ ही, लगातार गिरता भूजल स्तर भविष्य की जल उपलब्धता के लिए गंभीर चिंता का विषय था।