सीहोर के भेरूंदा क्षेत्र में एक परिवार ने आरोप लगाया है कि दलाल के माध्यम से कराई गई शादी के तीन दिन बाद नवविवाहिता कीमती गहने लेकर लापता हो गई। पीड़ित परिवार ने जनसुनवाई में शिकायत देकर जांच और कार्रवाई की मांग की है।
सीहोर के भेरूंदा क्षेत्र में एक परिवार ने आरोप लगाया है कि दलाल के माध्यम से कराई गई शादी के तीन दिन बाद नवविवाहिता कीमती गहने लेकर लापता हो गई। पीड़ित परिवार ने जनसुनवाई में शिकायत देकर जांच और कार्रवाई की मांग की है।
मध्य प्रदेश में मूंग खरीदी को लेकर सियासत तेज हो गई है। नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने सरकार पर किसानों की अनदेखी का आरोप लगाते हुए मांग की है कि किसानों की पूरी मूंग खरीदी जाए। उन्होंने इस मुद्दे पर सरकार को पत्र लिखने की बात कही है।
पन्ना जिला चिकित्सालय में भारी बारिश के बाद ड्रेनेज सिस्टम फेल होने से सर्जिकल और डिलीवरी वार्ड में पानी भर गया। मरीजों और प्रसूताओं को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा। अस्पताल प्रबंधन ने बताया कि पुरानी बिल्डिंग और निर्माण कार्य के कारण जलभराव की समस्या बनी है, जिसके समाधान के लिए उच्च अधिकारियों को प्रस्ताव भेजा गया है।
सीहोर जिले के पीपलखेड़ा गांव के दिव्यांग व्यक्ति सुखवेंद्र दांगी ने आरोप लगाया है कि दबंग लोग उन्हें प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत स्वीकृत मकान का निर्माण नहीं करने दे रहे हैं और धमकी दे रहे हैं। उन्होंने जनसुनवाई में आवेदन देकर प्रशासन से सुरक्षा और कार्रवाई की मांग की है। मामले की जांच के बाद स्थिति स्पष्ट होगी।
सीहोर जिले की 95 वर्षीय बुजुर्ग महिला वक्ता बाई व्हील चेयर पर बैठकर जनसुनवाई में पहुंचीं और बेटों द्वारा देखभाल नहीं किए जाने की शिकायत की। महिला ने अपनी 15 एकड़ जमीन वापस दिलाने और भरण-पोषण की मांग की। अतिरिक्त कलेक्टर ने मामले में एसडीएम को कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।
सीहोर में आशा कार्यकर्ताओं ने लंबित मानदेय और अन्य मांगों को लेकर कलेक्टोरेट के सामने प्रदर्शन करते हुए चक्का जाम कर दिया। प्रदर्शन के चलते पुराने भोपाल-इंदौर मार्ग पर यातायात प्रभावित हुआ। कार्यकर्ताओं ने चेतावनी दी है कि मांगों का समाधान नहीं होने तक उनका आंदोलन जारी रहेगा।
कटनी जिले की रीठी तहसील के सिमरा और देवगांव गांवों में उद्योग विभाग को करीब 450 एकड़ भूमि हस्तांतरित करने के प्रस्ताव का ग्रामीणों ने विरोध किया है। ग्रामीणों ने तहसील कार्यालय पहुंचकर ज्ञापन सौंपते हुए कहा कि वे अपनी जमीन नहीं देंगे और मांगें पूरी नहीं होने पर आंदोलन करेंगे।
बैतूल में आशा, ऊषा और आशा पर्यवेक्षक संयुक्त मोर्चा ने वेतन, प्रोत्साहन राशि और लंबित भुगतान सहित 18 सूत्रीय मांगों को लेकर प्रदर्शन किया। धरना और रैली के बाद कलेक्ट्रेट पहुंचकर मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा गया। प्रदर्शनकारियों ने समय पर भुगतान, वेतन वृद्धि और नियमित सेवा सुविधाओं की मांग करते हुए चेतावनी दी कि मांगें पूरी नहीं होने पर आंदोलन तेज किया जाएगा।
बैतूल नगर पालिका ने शहर को अतिक्रमण मुक्त बनाने और यातायात व्यवस्था सुधारने के लिए विशेष अभियान चलाया। कॉलेज चौक और गंज क्षेत्र सहित कई स्थानों पर सड़क किनारे लगे अवैध ठेले और अस्थायी दुकानों को हटाया गया। प्रशासन ने अतिक्रमण करने वालों को चेतावनी देते हुए कहा कि ऐसी कार्रवाई आगे भी लगातार जारी रहेगी।
कटनी के तीन प्रमुख प्रवेश मार्गों पर लगातार सड़क दुर्घटनाएं हो रही हैं, जिससे स्थानीय लोग प्रशासन की लापरवाही पर सवाल उठा रहे हैं। चाका तिराहा, गायत्री मंदिर क्षेत्र और पीरबाबा बायपास पर सुरक्षा व्यवस्था और ट्रैफिक प्रबंधन की कमी को हादसों का मुख्य कारण बताया जा रहा है।
पन्ना जिले की ग्राम पंचायत बराछ में निर्माणाधीन पुल का स्लैब गिरने से निर्माण कार्य की गुणवत्ता पर सवाल उठ गए हैं। ग्रामीणों ने घटिया सामग्री और मानकों की अनदेखी के आरोप लगाए हैं, जबकि प्रशासन ने मामले की जांच कर कार्रवाई का आश्वासन दिया है।
बुरहानपुर में लगातार बारिश के कारण ताप्ती नदी का जलस्तर बढ़कर खतरे के निशान के करीब पहुंच गया है। प्रशासन ने नदी के घाटों पर पुलिस और होमगार्ड की तैनाती कर लोगों से नदी से सुरक्षित दूरी बनाए रखने और प्रशासन के निर्देशों का पालन करने की अपील की है।
सीहोर के वार्ड क्रमांक-1 में सड़क और नाली निर्माण नहीं होने की शिकायत को लेकर स्थानीय लोगों का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। रहवासियों का कहना है कि बारिश के कारण समस्याएं बढ़ गई हैं और कई शिकायतों के बावजूद अब तक समाधान नहीं हुआ है। प्रशासन की आधिकारिक प्रतिक्रिया का इंतजार है।
बुरहानपुर में आयोजित दिशा समिति की बैठक में सांसद ज्ञानेश्वर पाटील ने विभिन्न विभागों की योजनाओं और विकास कार्यों की समीक्षा करते हुए लापरवाह अधिकारियों पर कार्रवाई के निर्देश दिए। बैठक में स्वास्थ्य, लोक निर्माण, उद्यानिकी और चना खरीदी से जुड़े मामलों की जांच कराने के आदेश भी दिए गए।
बुरहानपुर में लगातार बारिश के बीच करीब 100 साल पुराना एक जर्जर मकान ढह गया। परिवार के सदस्य समय रहते बाहर निकल गए, जिससे बड़ा हादसा टल गया। घटना के बाद जर्जर भवनों को लेकर नगर निगम की कार्रवाई और तैयारियों पर सवाल उठने लगे हैं।