उज्जैन में आगामी सिंहस्थ-2028 और शनिचरी अमावस्या जैसे बड़े धार्मिक आयोजनों को ध्यान में रखते हुए सुरक्षा एजेंसियां पूरी तरह सतर्क हैं। भीड़ प्रबंधन और सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के लिए लगातार अभ्यास और जांच अभियान चलाए जा रहे हैं।
इसी क्रम में उज्जैन के शनि मंदिर परिसर में बॉम्ब डिटेक्शन एंड डिस्पोजल स्क्वॉड (BDDS) द्वारा हाई सिक्योरिटी मॉक ड्रिल आयोजित की गई। इस दौरान संदिग्ध लावारिस बैग मिलने की स्थिति का अभ्यास किया गया और पूरे क्षेत्र को सुरक्षा घेरे में लेकर जांच प्रक्रिया को अंजाम दिया गया।
मॉक ड्रिल के दौरान सूचना मिलते ही BDDS टीम मौके पर पहुंची और तय प्रोटोकॉल के अनुसार कार्रवाई शुरू की गई। सबसे पहले डॉग स्क्वॉड की मदद से बैग की जांच की गई, जिसके बाद बम सूट तकनीशियन द्वारा सुरक्षित तरीके से बैग को खोला गया। जांच में कोई विस्फोटक सामग्री नहीं मिली।
BDDS इंस्पेक्टर रमेश अखाड़िया ने बताया कि पूरी कार्रवाई के दौरान सभी सुरक्षा मानकों और ट्रेनिंग प्रोटोकॉल का पालन किया गया। इस अभ्यास का उद्देश्य आपात स्थिति में त्वरित और प्रभावी प्रतिक्रिया सुनिश्चित करना था।
अधिकारियों के अनुसार यह मॉक ड्रिल सिंहस्थ-2028 में संभावित भारी भीड़ और सुरक्षा चुनौतियों को ध्यान में रखते हुए की गई है। इससे सुरक्षा एजेंसियों की तैयारियों को परखा गया और रियल टाइम रिस्पॉन्स क्षमता को मजबूत किया गया।
इंस्पेक्टर रमेश अखाड़िया ने बताया कि वर्तमान में BDDS टीम के पास आवश्यक उपकरण उपलब्ध हैं, लेकिन सिंहस्थ-2028 जैसे बड़े आयोजन को देखते हुए लगभग 80 टीमों के लिए अतिरिक्त आधुनिक उपकरणों और संसाधनों की आवश्यकता होगी, ताकि पूरे क्षेत्र में प्रभावी सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित की जा सके।
उज्जैन में आयोजित यह मॉक ड्रिल सिंहस्थ-2028 की सुरक्षा तैयारियों का महत्वपूर्ण हिस्सा है। इससे यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि किसी भी आपात स्थिति में सुरक्षा एजेंसियां तेजी से और प्रभावी तरीके से कार्रवाई कर सकें।