सीहोर जिले के बुधनी वन विभाग में एक संदिग्ध मनी रसीद सामने आने के बाद विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े हो गए हैं। इस रसीद में कई महत्वपूर्ण जानकारियों की कमी मिलने से मामले को लेकर संदेह गहरा गया है।
जानकारी के अनुसार, संबंधित रसीद पर वन परिक्षेत्र कार्यालय की आधिकारिक सील नहीं लगी है। इसके अलावा यह भी उल्लेख नहीं किया गया कि रसीद किस स्थान पर प्रिंट की गई। सबसे अहम बात यह सामने आई है कि रसीद बुधनी वन परिक्षेत्र की बताई जा रही है, जबकि इसका उपयोग रेहटी वन परिक्षेत्र में किया गया।
रसीद में कई आवश्यक जानकारियां भी गायब बताई जा रही हैं, जिनमें समिति अध्यक्ष के हस्ताक्षर, ट्रैक्टर नंबर और ड्राइवर का नाम शामिल है। इन खामियों के कारण रसीद को संदिग्ध माना जा रहा है।
मामले की गंभीरता को देखते हुए उपवन मंडल अधिकारी बुधनी ने जांच के आदेश जारी कर दिए हैं। जांच बुधनी और रेहटी वन परिक्षेत्र अधिकारियों की संयुक्त टीम द्वारा की जाएगी।
सूत्रों के मुताबिक यह मामला केवल एक रसीद तक सीमित नहीं हो सकता। आशंका जताई जा रही है कि इसी तरह की कई अन्य संदिग्ध रसीदें भी जारी की गई होंगी।
अधिकारियों का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद ही पूरे मामले की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो पाएगी। फिलहाल इस घटना ने वन विभाग की पारदर्शिता और निगरानी व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।