मध्यप्रदेश के बैतूल जिले के आठनेर विकासखंड की ग्राम पंचायत अंधेरबावड़ी में भीषण गर्मी के बीच पेयजल संकट ने ग्रामीणों की जिंदगी मुश्किल में डाल दी है। 42 डिग्री तापमान में लोग पानी की एक-एक बूंद के लिए संघर्ष कर रहे हैं।

कुएं पर टिकी जिंदगी, प्यास से बेहाल गांव
जिला कलेक्टर डॉ. सौरभ संजय सोनवणे लगातार अधिकारियों को ग्रामीण क्षेत्रों में पेयजल व्यवस्था सुधारने के निर्देश दे रहे हैं, लेकिन स्थानीय स्तर पर जिम्मेदार विभागों की लापरवाही के कारण स्थिति में कोई सुधार नहीं दिख रहा है।
गांव के अधिकांश हैंडपंप खराब हो चुके हैं और अन्य जल स्रोत सूख गए हैं। ऐसे में पूरे गांव की निर्भरता केवल एक पंचायती कुएं पर रह गई है। रात में जमा हुआ पानी सुबह होते ही कुछ ही परिवारों तक सीमित रह जाता है।
सुबह से ही कुएं पर ग्रामीणों की लंबी कतारें लग जाती हैं। पानी भरने को लेकर कई बार आपसी विवाद की स्थिति भी बन रही है, जिससे गांव का माहौल तनावपूर्ण हो जाता है।
ग्रामीणों का आरोप है कि जनप्रतिनिधि और संबंधित विभाग इस गंभीर समस्या पर ध्यान नहीं दे रहे हैं। लोग इस संकट से तत्काल राहत की मांग कर रहे हैं और उम्मीद जता रहे हैं कि जिला प्रशासन जल्द हस्तक्षेप करेगा।

बूंद-बूंद को तरसता अंधेरबावड़ी गांव
ग्रामीणों की नजर अब जिले के कलेक्टर डॉ. सौरभ संजय सोनवणे पर टिकी है, जिनसे उम्मीद की जा रही है कि वे इस गंभीर पेयजल संकट का जल्द समाधान कराएंगे और गांव को राहत दिलाएंगे।