शिवपुरी शहर में देर रात उस समय अफरा-तफरी मच गई जब आधा दर्जन नकाबपोश बदमाश हथियार लेकर एक घर में घुस गए। आरोप है कि बदमाशों ने पहले परिजनों के साथ मारपीट की और फिर एक युवती को उसके छोटे बच्चे सहित घर से घसीटते हुए ले गए। पूरी घटना सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई, जिसके बाद इलाके में सनसनी फैल गई।
पीड़ित परिवार का कहना है कि यह पूरी घटना एक सुनियोजित अपहरण है। घटना के बाद पुलिस को शिकायत दी गई, जिसके आधार पर मुख्य आरोपी सहित अन्य लोगों के खिलाफ अपहरण और एससी-एसटी एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया है।
जानकारी के अनुसार, युवती पिछले कुछ वर्षों से करैरा निवासी एक युवक के साथ इंदौर में लिव-इन रिलेशनशिप में रह रही थी। दोनों की एक तीन माह की बच्ची भी है। बताया जा रहा है कि पारिवारिक विवाद के चलते युवती कुछ समय से अपने मायके में रह रही थी।
घटना के बाद सोशल मीडिया पर एक वीडियो सामने आया, जिसमें युवती ने दावा किया कि वह अपनी मर्जी से अपने साथी के साथ गई है और उसका अपहरण नहीं हुआ है। इस बयान ने पूरे मामले को और अधिक जटिल बना दिया है।
एक तरफ जहां सीसीटीवी फुटेज में युवती को बच्चे सहित घसीटते हुए ले जाते देखा जा रहा है, वहीं दूसरी ओर युवती का दावा है कि वह अपनी इच्छा से गई थी। इस विरोधाभास ने पुलिस जांच को और महत्वपूर्ण बना दिया है।
घटना के बाद सोशल मीडिया पर अलग-अलग तरह की चर्चाएं शुरू हो गई हैं। कुछ लोग इसे प्रेम-प्रसंग से जुड़ा विवाद बता रहे हैं, तो कुछ इसे पारिवारिक विवाद का परिणाम मान रहे हैं।
पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है और सीसीटीवी फुटेज के साथ-साथ युवती के बयान की भी गहन जांच की जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि सभी पहलुओं को ध्यान में रखते हुए सच्चाई का पता लगाया जाएगा।
शिवपुरी की यह घटना अब एक रहस्यमय विवाद का रूप ले चुकी है, जहां सीसीटीवी फुटेज और बयान एक-दूसरे से मेल नहीं खा रहे हैं। पुलिस जांच के बाद ही पूरे मामले की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो पाएगी।