रिपोर्ट : पल्लवी त्रिपाठी
उत्तर प्रदेश : अमरोहा के बामनखेड़ी कांड की आरोपी शबनम की फांसी फिलहाल टल सकती है । बता दें कि राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद की ओर से पिछली याचिका खारिज करने के बाद शबनम को फांसी देने की तैयारी शुरू कर दी गई थी, लेकिन फांसी की तारीख तय करने में एक बार फिर अड़चन आ गयी है । दरअसल, मामले में नई दया याचिका दायर की गयी है । जिसके चलते शबनम की फांसी अटक गयी है । बता दें कि जब तक इस दया याचिका की रिपोर्ट नहीं आ जाती, तब तक शबनम का डेथ वारंट जारी नहीं होगा ।
दरअसल, आरोपी शबनम के वकील ने उसे फांसी के फंदे पर लटकने से बचाने के लिए नई दया याचिका दायर की है । जिसे वकील ने रामपुर जेल के जरिए राज्यपाल के पास भेजा है । यह दया याचिका राजभवन से राष्ट्रपति के पास भेजी जाएगी । जहां राष्ट्रपति के फैसले के बाद ही मामले में अगली सुनवाई होगी ।
मामले को लेकर अमरोहा के शासकीय अधिवक्ता (फौजदारी) महावीर सिंह ने मंगलवार को मीडिया से बातचीत में जानकारी दी । उन्होंने कहा, “अभियोजन पक्ष से रिपोर्ट मांगी गयी थी कि उनके द्वारा कोई दया याचिका या कोई अपील किसी न्यायिक स्तर पर या प्रशासनिक स्तर पर लंबित तो नहीं है । हमनें रिपोर्ट सौंप दी है । जिसमें पता चला है कि उन्होंने पुनः एक दया याचिका राज्यपाल महोदय के पास डाली है । जो माननीय राज्यपाल के द्वारा राष्ट्रपति के पास जाएगी ।
बता दें कि अभियुक्त शबनम ने 15 अप्रैल, 2008 को बामनखेड़ी में अपने प्रेमी सलीम के साथ मिलकर अपने ही परिवार के 7 लोगों को कुल्हाड़ी से काटकर मौत के घाट उतार दिया था । जिसमें आरोपी शबनम के माता- पिता, दो भाई, भाभी, मौसी की लड़की और सात माह का मासूम शामिल है । वारदात के बाद शबनम को गिरफ्तार कर लिया गया था । जिसके बाद से आरोपी 13 साल से जेल में थी ।