वरिष्ठ पत्रकार और एनडीटीवी का बड़ा चेहरा रह चुकी बरखा दत्त का नाम एक विवाद से जुड़ गया है। दरअसल राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग ने एक शिकायत पर संज्ञान लेते हुए दिल्ली के डीसीपी नार्थ ईस्ट को एक पत्र लिखकर जांच के निर्देश दिए हैं और मामले की रिपोर्ट 10 दिनों में सौंपने को कहा है।
दिल्ली दंगों के बाद बरखा दत्त उत्तर पूर्वी दिल्ली में एक पीड़ित परिवार से मिली थीं। पीड़ित परिवार से बात करते हुए बरखा दत्त ने बताया कि दंगों के दौरान दस महीने की बच्ची को चोट लगी थी, जिसके चलते उसकी कॉलर बोन टूट गई। उसके माता-पिता बच्ची का अस्पताल में इलाज करवा रहे हैं।
इसके बाद उन पर यह आरोप लगाया गया कि बच्ची और उसके परिवार का चेहरा छिपाए बिना ही पहचान उजागर कर दी और असली नाम बताते हुए विडियो बनाया और उसे अपने ट्विटर पर डाला। जिसके बाद आयोग को शिकायत मिली और जुवेनाइल जस्टिस अधिनियम 2015 की धारा 74 का उल्लंघन करने पर डीसीपी को दस दिनों के अंदर पूरे मामले की जांचकर कार्रवाई करने के आदेश दिए हैं।