Bihar Railway Projects : केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने संसद में बिहार में रेलवे विकास को लेकर सरकार की प्रतिबद्धता और उपलब्धियों का विस्तृत ब्यौरा दिया। उन्होंने कहा कि बिहार एक महत्वपूर्ण राज्य है और पहले जहां सालाना रेलवे बजट में महज 1,132 करोड़ रुपये का आवंटन होता था, वहीं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में यह बढ़ाकर 10,000 करोड़ रुपये कर दिया गया है। उन्होंने बताया कि वर्षों से अटके कई रेलवे प्रोजेक्ट्स अब पूरे हो चुके हैं, जैसे कि मुंगेर और पटना के नए ब्रिज और कोसी ब्रिज, जिसे अटल बिहारी वाजपेयी सरकार ने स्वीकृत किया था, अब पूरा हो गया है।
मंत्री वैष्णव ने यह भी स्पष्ट किया कि इन सभी परियोजनाओं की शुरुआत और पूर्णता दोनों ही एनडीए सरकारों ने की हैं, जिससे स्पष्ट होता है कि बिहार के साथ न्याय केवल एनडीए ही कर सकता है। सीतामढ़ी के शिवहर क्षेत्र में बागमती नदी पर बनने वाले पुल का टेंडर जारी कर दिया गया है। देकुली धाम शिवहर में यह प्रोजेक्ट अत्यंत महत्वपूर्ण माना जा रहा है और इसके लिए भूमि अधिग्रहण हेतु 262 करोड़ रुपये की राशि पहले ही जमा कर दी गई है।
रेल मंत्री ने यह भी बताया कि बिहार में रेलवे बुनियादी ढांचे का व्यापक विकास हुआ है। राज्य में 98 रेलवे स्टेशनों का पुनर्विकास किया जा रहा है, जबकि 218 प्लेटफार्म और अंडरपास पहले ही बन चुके हैं। यात्री सुविधाओं में सुधार करते हुए बिहार में अब आठ वंदे भारत ट्रेनें, पांच अमृत भारत गाड़ियां और एक नमो भारत ट्रेन चलाई जा रही हैं।
विशेष रूप से गरीबों को बेहतर ट्रैवल अनुभव देने के लिए शुरू की गई अमृत भारत गाड़ियां, बिहार के कई हिस्सों को दिल्ली और बेंगलुरु जैसे महानगरों से जोड़ रही हैं। मंत्री ने कहा कि यह सब प्रधानमंत्री मोदी के विशेष मार्गदर्शन और प्राथमिकता का परिणाम है, जो बिहार के समग्र विकास और जन आकांक्षाओं को साकार करने की दिशा में काम कर रहे हैं।