प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि केंद्र सरकार के हालिया कैबिनेट फैसले भारत की वैश्विक प्रतिस्पर्धा को सशक्त बनाएंगे और आत्मनिर्भर भारत के लक्ष्य को नई गति देंगे।प्रधानमंत्री मोदी की अध्यक्षता में हुई केंद्रीय मंत्रिमंडल की बैठक में कई अहम निर्णय लिए गए, जिनमें ‘निर्यात प्रोत्साहन मिशन’ और ‘निर्यातकों के लिए ऋण गारंटी योजना’ प्रमुख हैं। ये योजनाएं भारतीय निर्यात को वैश्विक स्तर पर बढ़ावा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगी।
‘मेड इन इंडिया’ की गूंज विश्वभर में होगी और तेज
प्रधानमंत्री मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (X) पर लिखा, “सुनिश्चित कर रहे हैं कि ‘मेड इन इंडिया’ की गूंज पूरी दुनिया में और तेजी से सुनाई दे!” उन्होंने बताया कि ‘निर्यात प्रोत्साहन मिशन’ भारत के निर्यात को अधिक प्रतिस्पर्धी बनाएगा और एमएसएमई, नए तथा श्रम-प्रधान क्षेत्रों को मजबूती देगा। इस मिशन का उद्देश्य सभी हितधारकों को एक मंच पर लाकर एक परिणाम-आधारित और प्रभावी तंत्र तैयार करना है, जिससे भारतीय उत्पादों की वैश्विक पहुंच बढ़ेगी।
निर्यातकों के लिए ऋण गारंटी योजना से बढ़ेगी प्रतिस्पर्धा
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि ‘निर्यातकों के लिए ऋण गारंटी योजना’ से कारोबारियों को बिना रुकावट व्यवसाय करने की सुविधा मिलेगी। यह योजना निर्यातकों को पूंजी की उपलब्धता सुनिश्चित करेगी, जिससे वे अंतरराष्ट्रीय बाजार में बेहतर प्रदर्शन कर सकें। इसके परिणामस्वरूप भारत की वैश्विक प्रतिस्पर्धा में वृद्धि होगी और आत्मनिर्भर भारत के विज़न को मजबूती मिलेगी।
खनिज क्षेत्र में सुधार से हरित ऊर्जा को मिलेगा बढ़ावा
कैबिनेट ने ग्रेफाइट, सीजियम, रुबिडियम और जिरकोनियम जैसे खनिजों की रॉयल्टी दरों को तर्कसंगत करने का भी निर्णय लिया है। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि ये खनिज हरित ऊर्जा क्षेत्र के लिए अत्यंत आवश्यक हैं। यह निर्णय न केवल स्थिरता और आत्मनिर्भरता को बढ़ावा देगा, बल्कि आपूर्ति श्रृंखला को मजबूत कर नए रोजगार अवसर भी सृजित करेगा।
अमित शाह ने फैसलों को बताया दूरदर्शी कदम
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने केंद्र सरकार के इन फैसलों की सराहना करते हुए कहा कि कैबिनेट ने ₹25,060 करोड़ के ‘एक्सपोर्ट प्रमोशन मिशन’ और ₹20,000 करोड़ की ‘क्रेडिट गारंटी स्कीम फॉर एक्सपोर्टर्स (CGSE)’ को मंजूरी दी है। उन्होंने बताया कि इन योजनाओं से एमएसएमई क्षेत्र को मजबूती मिलेगी और भारत को 1 ट्रिलियन डॉलर निर्यात लक्ष्य की ओर अग्रसर किया जाएगा।
भारत के आर्थिक विकास की दिशा में एक सशक्त कदम
सरकार के इन निर्णयों का उद्देश्य भारतीय उत्पादों को वैश्विक बाजार में प्रतिस्पर्धी बनाना, निर्यात को बढ़ावा देना और ‘मेड इन इंडिया’ की पहचान को और सशक्त बनाना है। ये कदम भारत की आर्थिक वृद्धि, रोजगार सृजन और आत्मनिर्भरता की दिशा में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर साबित होंगे।