नई दिल्ली : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी तीन दिवसीय दौरे पर ब्रिटेन में है, आज उनका ब्रिटेन में दूसरा दिन है। पीएम मोदी अंतरराष्ट्रीय जलवायु शिखर सम्मेलन ‘सीओपी-26’ में हिस्सा लेने पहुंचे। जहां उन्होंने भारत के जलवायु एजेंडे पर औपचारिक स्थिति पेश की। उन्होंने कहा कि, ‘इंफ्रास्ट्रक्चर फॉर रिसाइलेंट आईलैंड स्टेट्स’ का लॉन्च एक नई आशा जगाता है, नया विश्वास देता है। ये सबसे वल्नरेबल देशों के लिए कुछ करने का संतोष देता है।
पीएम मोदी ने कहा कि, ‘पिछले कुछ दशकों ने सिद्ध किया है कि जलवायु परिवर्तन के प्रकोप से कोई भी अछूता नहीं है। विकसित देश हों या फिर प्राकृतिक संसाधनों से धनी देश सभी के लिए ये बहुत बड़ा खतरा है। इसमें भी जलवायु परिवर्तन से सब से अधिक खतरा स्मॉल आईलैंड डेवलपिंग स्टेट्स को है। भारत की स्पेस एजेंसी इसरो, सिड्स के लिए एक स्पेशल डेटा विंडो का निर्माण करेगी। इससे सिड्स को सैटेलाइट के माध्यम से सायक्लोन, कोरल-रीफ मॉनीटरिंग, कोस्ट-लाइन मॉनीटरिंग आदि के बारे में समय रहते जानकारी मिलती रहेगी।’
पीएम मोदी ने आगे कहा कि, ‘IRIS के लॉन्च को बहुत अहम मानता हूं। IRIS के माध्यम से सिड्स को प्रौद्योगिकी, वित्तिय सहायता, जरूरी जानकारी तेजी से जुटाने में आसानी होगी। स्मॉल आईलैंड डेवलपिंग स्टेट्स में क्वालिटी इंफ्रास्ट्रक्चर को प्रोत्साहन मिलने से वहां जीवन और आजीविका दोनों को लाभ मिलेगा।’
“सतत विकास के हर प्रयास को हमेशा मजबूती देगा भारत”
बता दें कि इससे पहले पीएम मोदी ने मंगलवार को कहा कि भारत सतत विकास के लिए किए जाने वाले हर प्रयास को हमेशा मजबूत बनाएगा। यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उरसुला वोन देर लेयेन द्वारा भारत को जलवायु परिवर्तन से निपटने में अहम साझेदार बताए जाने के बाद मोदी ने यह बात कही. प्रधानमंत्री मोदी ने सोमवार को यहां सीओपी26 जलवायु शिखर सम्मेलन के दौरान लेयेन से एक बार फिर मुलाकात की। यूरोपीय परिषद के अध्यक्ष चार्ल्स मिशेल और लेयेन ने जी20 शिखर सम्मेलन से इतर शुक्रवार को रोम में मोदी से मुलाकात की थी।