प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पंजाब के बाढ़ प्रभावित इलाकों के लिए 1,600 करोड़ रुपये की अतिरिक्त वित्तीय मदद की घोषणा की है। यह राशि पहले से उपलब्ध 12,000 करोड़ रुपये के अलावा दी जाएगी। प्रधानमंत्री ने बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का दौरा करते हुए पीड़ितों से संवाद किया और उन्हें बहुआयामी सहायता देने का भरोसा दिलाया।
केंद्र सरकार ने खासतौर पर किसानों के लिए राहत पैकेज की रूपरेखा तैयार की है। जिन किसानों के पास बिजली कनेक्शन नहीं हैं, उन्हें विशेष सहायता दी जाएगी। बाढ़ में क्षतिग्रस्त बोरवेल की मरम्मत राष्ट्रीय कृषि विकास योजना के तहत की जाएगी। डीजल पंपों को
सोलर पैनल से जोड़ने और माइक्रो सिंचाई के लिए ड्रॉप मोर क्रॉप योजना का लाभ भी दिया जाएगा। इससे किसानों की सिंचाई और कृषि उत्पादन को पुनः सुचारू बनाने में मदद मिलेगी।ग्रामीण इलाकों में जिन परिवारों के घर बाढ़ में नष्ट हुए हैं, उन्हें प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण के तहत वित्तीय मदद दी जाएगी। पंजाब सरकार ने इसके लिए “स्पेशल प्रोजेक्ट” प्रस्तुत किया है। पात्र परिवारों को प्राथमिकता दी जाएगी और पूरी सहायता नियमों के तहत उपलब्ध कराई जाएगी।
बाढ़ से कई सरकारी स्कूलों को भी नुकसान हुआ है। केंद्र सरकार ने समग्र शिक्षा अभियान के तहत इन स्कूलों के पुनर्निर्माण और मरम्मत के लिए वित्तीय सहायता देने का निर्णय लिया है। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि शिक्षा व्यवस्था को सामान्य करना जरूरी है ताकि बच्चों की पढ़ाई प्रभावित न हो। पंजाब सरकार को इस संबंध में सभी आवश्यक जानकारी उपलब्ध करानी होगी।
प्रधानमंत्री ने जल संचय जन भागीदारी कार्यक्रम की भी घोषणा की। इसके तहत पंजाब में क्षतिग्रस्त जल संचय संरचनाओं की मरम्मत और नए जल संरक्षण ढांचे का निर्माण किया जाएगा। इसका उद्देश्य वर्षा जल संग्रहण को बढ़ावा देना और दीर्घकालिक जल स्थिरता सुनिश्चित करना है।
केंद्र सरकार ने पंजाब भेजी गई अंतर-मंत्रालयी टीमों को बाढ़ से हुए नुकसान का आकलन करने का काम सौंपा है। इनकी रिपोर्ट आने के बाद अतिरिक्त सहायता पर विचार किया जाएगा। प्रधानमंत्री ने कहा कि पंजाब के लोग मुश्किल हालात से गुजर रहे हैं और केंद्र सरकार हर संभव मदद देने के लिए प्रतिबद्ध है।
इस सहायता पैकेज से किसानों, ग्रामीण परिवारों और शिक्षा संस्थानों को राहत मिलेगी। प्रधानमंत्री मोदी की यह पहल पंजाब में बाढ़ पीड़ितों के जीवन को स्थिर बनाने और पुनर्निर्माण को गति देने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम साबित होगी। केंद्र और राज्य सरकार मिलकर प्रभावित इलाकों में राहत और पुनर्वास कार्यों को तेजी से आगे बढ़ा रहे हैं।