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फीस वृद्धि के खिलाफ NSUI का प्रदर्शन, कुलपति कार्यालय के बाहर छात्रों का धरना

रानी दुर्गावती विश्वविद्यालय में फीस वृद्धि के विरोध में NSUI के नेतृत्व में छात्रों ने प्रदर्शन किया। छात्रों ने फीस बढ़ोतरी वापस लेने और सरकारी योजनाओं का लाभ सुनिश्चित करने की मांग की।

By: BS Yadav 
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फीस वृद्धि के खिलाफ NSUI का प्रदर्शन, कुलपति कार्यालय के बाहर छात्रों का धरना

जबलपुर स्थित रानी दुर्गावती विश्वविद्यालय में विभिन्न पाठ्यक्रमों की फीस में हुई भारी वृद्धि के विरोध में नेशनल स्टूडेंट्स यूनियन ऑफ इंडिया (NSUI) के नेतृत्व में छात्रों ने जोरदार प्रदर्शन किया। बड़ी संख्या में छात्र कुलपति कार्यालय के बाहर धरने पर बैठ गए और विश्वविद्यालय प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की।

छात्रों का आरोप है कि विश्वविद्यालय प्रशासन ने कई पाठ्यक्रमों की फीस में तीन से चार गुना तक बढ़ोतरी कर दी है। NSUI नेता अनुराग शुक्ला ने बताया कि जिन पाठ्यक्रमों की फीस पहले लगभग 4 हजार रुपये थी, उसे बढ़ाकर 12 हजार रुपये कर दिया गया है। इसी तरह 3 हजार रुपये की फीस को बढ़ाकर 10 हजार रुपये तक पहुंचा दिया गया है। इसके अलावा बी.फार्मा सहित कई अन्य पाठ्यक्रमों की फीस में भी करीब 10 हजार रुपये तक की वृद्धि की गई है।

आंदोलनकारी छात्रों का कहना है कि फीस में इस प्रकार की अचानक और अत्यधिक बढ़ोतरी से गरीब एवं मध्यमवर्गीय परिवारों के विद्यार्थियों के सामने शिक्षा जारी रखने का संकट खड़ा हो गया है। छात्रों ने यह भी आरोप लगाया कि विश्वविद्यालय के ऑनलाइन पोर्टल पर संबल योजना और मेधावी छात्र योजना जैसी सरकारी योजनाओं का लाभ भी विद्यार्थियों को नहीं मिल पा रहा है, जिससे उनकी आर्थिक परेशानियां और बढ़ गई हैं।

 

भीषण गर्मी और 45 से 46 डिग्री सेल्सियस तापमान के बीच छात्र कई घंटों तक कुलपति कार्यालय के बाहर धरने पर बैठे रहे। प्रदर्शनकारी छात्रों में इस बात को लेकर नाराजगी देखी गई कि लंबे इंतजार के बावजूद कुलपति उनसे मिलने बाहर नहीं आए। छात्रों ने प्रशासन पर उनकी समस्याओं की अनदेखी करने का आरोप लगाया।

NSUI नेताओं ने चेतावनी दी कि यदि विश्वविद्यालय प्रशासन ने जल्द ही फीस वृद्धि वापस लेने और छात्रों की मांगों पर सकारात्मक निर्णय नहीं लिया, तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा। छात्र नेताओं ने कहा कि वे अपनी मांगों के लिए संघर्ष जारी रखेंगे और आवश्यकता पड़ने पर जेल जाने के लिए भी तैयार हैं। उन्होंने कहा कि यदि प्रशासन ने बातचीत नहीं की, तो अगले 10 दिनों तक आंदोलन जारी रहेगा।

इस पूरे घटनाक्रम ने विश्वविद्यालय परिसर में छात्रों और प्रशासन के बीच बढ़ते तनाव को उजागर कर दिया है। अब सभी की नजर विश्वविद्यालय प्रशासन की अगली कार्रवाई पर टिकी हुई है।

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