मुंबई : देश-विदेश में अपने कव्वालियों के धुन पर थिरकाने वाले ‘साबरी ब्रदर्स फेम’ मशहूर कव्वाल फरीद साबरी का मंगलवार रात अचानक तबियत खराब होने के चलते निधन हो गया। आपको बता दें कि उन्हें अजमेर के वेदांता सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल में दाखिल कराया गया था, जहां पर आज सुबह 8 बजे उन्होंने अपनी आखिरी सांसें लीं। वे 58 साल के थे।
‘साबरी बदर्स’ फेम दूसरे भाई अमीन साबरी ने एक न्यूज चैनल से बातचीत करते हुए कहा कि, ‘पिछले 4-5 दिनों से फरीद साबरी की तबीयत नासाज चल रही थी और उन्हें निमोनिया की शिकायत थी। ऐसे में कल रात उनकी तबीयत ज्यादा खराब हो गई थी। फेफड़ों में संक्रमण के बढ़ जाने औए निमोनिया के बिगड़ जाने के चलते उनकी मौत हो गई।’

अमीन साबरी ने बताया कि फरीद साबरी को कोरोना नहीं हुआ था। निधन के बाद फरीद साबरी को पूरे रीति-रिवाज के साथ घाटगेट के मिस्कीन शाह कब्रिस्तान में सुपुर्द-ए-खाक कर दिया गया। आपको बता दें कि जयपुर के रामगंज स्थित चौकड़ी गंगापोल इलाके में अपने परिवार के साथ रहने वाले फरीद साबरी, उनके भाई अमीन और पिता सईद साबरी की पहचान ‘साबरी ब्रदर्स’ फेम मशहूर कव्वाल के तौर पर रही है।
भाई और पिता के साथ मिलकर कई गीत गए
बता दें कि फरीद साबरी ने अपने भाई और पिता के साथ देश विदेश में कव्वालियां गाने के अलावा बॉलीवुड फिल्मों में भी कुछ लोकप्रिय गीत गाए थे। फरीद साबरी ने अपने पिता सईद साबरी के साथ मिलकर आर.के. बैनर की हिट फिल्म ‘हिना’ में लता मंगेशकर के साथ ‘देर न हो जाए कहीं देर न हो जाए’ गीत गाया था।
इसके अलावा उन्होंने अपने भाई अमीन साबरी के साथ ‘सिर्फ तुम’ में ‘जिंदा रहने के लिए तेरी कसम एक मुलाकात जरूरी है सनम’ गाना भी गाया था। इन गीतों के अलावा ‘साबरी ब्रदर्स’ के तौर पर फरीद साबरी और अमीन साबरी ने फिल्म ‘परदेस’ और ‘ये दिल आशिकाना’ जैसी और भी कई फिल्मों में कव्वालियां गाईं थीं, जो बेहद ही प्रचलित रहा।