नई दिल्ली : महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस द्वारा मंगलवार को लगाए गए आरोपों के बाद बुधवार 10 नवंबर को नवाब मलिक ने फडणवीस पर बड़ा पलवार किया। एक तरफ जहां उन्होंने फडणवीस पर हजारों करोड़ की उगाही का आरोप लगाया। वहीं दूसरी तरफ उन्होंने अंडरवर्ल्ड से फडणवीस का नाता जोड़ा।
नवाब मलिक ने प्रेस कॉन्फ्रेस कर देवेंद्र फडणवीस के आरोपों का जवाब देते हुए कहा कि देवेंद्र फडणवीस हजारों करोड़ की उगाही में शामिल हैं और उन्होंने मुख्यमंत्री रहते हुए अंडरवर्ल्ड के लोगों को बड़े पदों पर बैठाया। उन्होंने कहा कि एनसीबी के जोनल डायरेक्टर समीर वानखेड़े से फडणवीस के अच्छे संबंध हैं, इसलिए वह उन्हें बचाने का काम कर रहे हैं।
नवाब मलिक ने कहा कि मुख्यमंत्री कार्यकाल के दौरान देवेंद्र फडणवीस ने अंडरवर्ल्ड के कई लोगों को पदों पर बैठाया। मलिक ने पूछा, ‘’नागपुर के गुंडे मुन्ना यादव को पद क्यों दिया? फडणवीस ने बांग्लादेशी हैदर आज़म को भारतीय नागरिक बनाने का काम किया और उन्हें पद दिया।’’ मलिक ने पूछा, ‘’आपके इशारे पर पूरे महाराष्ट्र में उगाही का काम हो रहा था या नहीं? बिल्डरों से वसूली हो रही थी या नहीं?’’
नवाब मलिक ने आगे कहा कि, ‘’देश में पांच साल पहले 8 नवंबर को नोटबंदी हुई। देश में 2000 और 500 के जाली नोट पकड़े जाने लगे, लेकिन महाराष्ट्र में एक साल तक राज्य में जाली नोट का एक भी मामला सामने नहीं आया, क्योंकि देवेंद्र के प्रोटेक्शन में जाली नोट का काम चल रहा था। 8 अक्टूबर 2017 के दिन BKC में DRI ने रेड में 14 करोड़ 56 लाख के जाली नोट पकड़े। लेकिन देवेंद्र फडणवीस ने इस मामले को रफा दफा कर दिया। जाली नोट चलाने वालों को तत्कालीन सरकार का संरक्षण था।’’
देवेंद्र फडणवीस बताएं कि रियाज़ भाटी कौन है
नवाब मलिक ने कहा कि, ‘’देवेंद्र फडणवीस बताएं कि रियाज़ भाटी कौन है? वह जाली पासपोर्ट के साथ पकड़ा गया था। रियाज़ आपके साथ सभी कार्यक्रम में क्यो नज़र आता था? वह देश के प्रधानमंत्री के कार्यक्रम में कैसे जाता था? रियाज़ भाटी ने प्रधानमंत्री के साथ फोटो खिंचाई।’’ उन्होंने कहा कि, ‘’फडणवीस ने जाली नोट मामले को हल्का करने और हाजी अराफात के भाई को बचाने का काम किया है।’’
3.5 करोड़ की जमीन 20 लाख में खरीदने का आरोप
बता दें कि इससे पहले फडणवीस ने मंगलवार को कुछ पेपर्स दिखाए। पूर्व सीएम ने दावा किया कि 16 साल पहले मलिक ने LBS रोड पर दाऊद के दो गुर्गों से 3.5 करोड़ की जमीन का सौदा सिर्फ 20 लाख रुपए में किया था। इन दोनों गुर्गों को सीरियल ब्लास्ट केस में सजा सुनाई गई थी।
फडणवीस ने कहा कि, ‘कुर्ला में तीन एकड़ जमीं की एक रजिस्ट्री सोलिडस कंपनी के नाम पर हुई, जो कि मलिक के परिवार की है। यह जमीन 1993 बम ब्लास्ट केस में उम्र कैद की सजा पाए सरदार वाली खान और दाऊद इब्राहिम की बहन हसीना पारकर के करीबी सलीम पटेल से खरीदी गई। रजिस्ट्री पर मलिक के बेटे फराज मलिक ने हस्ताक्षर किए हैं।
फडणवीस के आरोपों के जवाब में मलिक ने कहा कि सलीम पटेल का देहांत हो गया है और वह मुनीरा पटेल का पावर ऑफ अटार्नी था। हमने कागज को सुधारने के लिए उनको कुछ पैसे दिए थे इसकी सच्चाई है। 5 महीने पहले सलीम पटेल का देहांत हो गया था।
क्या टाडा के आरोपियों की संपत्ति बचाने के लिए खरीदी उनकी जमीन
फडणवीस ने कहा, ‘ऐसी कुल 5 प्रॉपर्टीज हैं। इनमें से 4 तो 100 फीसद अंडरवर्ल्ड के रोल वाले लोगों की हैं।’ फडणवीस ने पूछा, ‘मलिक बताएं कि सौदे के वक्त 2005 में जब वह मंत्री थे, तो सौदा कैसे हुआ? मुंबई के गुनहगारों से जमीन क्यों खरीदी, जबकि इन दोषियों पर उस वक्त टाडा लगा था? कानून के मुताबिक टाडा के दोषी की संपत्ति सरकार जब्त करती है। क्या टाडा के आरोपी की जमीन जब्त न हो, इसलिए यह आपको ट्रांसफर की गई?’
आरोप निराधार, वे पहले सिर्फ किराएदार थे वहां
फडणवीस ने कहा कि वह इन दस्तावेजों को जांच एजेंसियों को उपलब्ध कराएंगे और इसकी एक प्रति एनसीपी प्रमुख शरद पवार को भी भेजेंगे। फडणवीस के आरोपों को निराधार बताते हुए नवाब मलिक ने कहा,’ जिस जमीन का जिक्र हो रहा है, वहां उनका परिवार पहले से किराएदार था। बाद में उसका मालिकाना हक लिया गया। जमीन की मूल मालकिन मुनीरा पटेल है। उसने अपनी जमीन की पावर ऑफ अटॉर्नी सलीम पटेल को दी थी।’