भोपाल में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में मध्यप्रदेश के विकास का नया रोडमैप तैयार किया गया है। इसके तहत इंदौर को केंद्र में रखते हुए उज्जैन, देवास, धार, रतलाम और शाजापुर सहित 6 जिलों के 38 तहसीलों और 2781 गांवों को विकास की मुख्यधारा से जोड़ा जाएगा।
इस महत्वाकांक्षी योजना के तहत लगभग 16,000 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र को आधुनिक विकास मॉडल में शामिल किया गया है। इस पूरे क्षेत्र में इंदौर को प्रमुख आर्थिक केंद्र बनाकर आसपास के कस्बों और ग्रामीण क्षेत्रों तक विकास का विस्तार किया जाएगा।
योजना के तहत मालवा क्षेत्र को वैश्विक मैन्युफैक्चरिंग हब के रूप में विकसित करने की दिशा में काम किया जा रहा है। अनुमान है कि इस औद्योगिक विस्तार से लगभग 5 लाख नए रोजगार अवसर सृजित होंगे। साथ ही बड़े औद्योगिक पार्क और लैंड बैंक के माध्यम से निवेश को बढ़ावा मिलेगा।
इस क्षेत्र में ‘60 मिनट एक्सेस’ विजन के तहत आधुनिक कनेक्टिविटी नेटवर्क विकसित किया जा रहा है, जिससे सभी प्रमुख स्थान एक घंटे के भीतर पहुंच योग्य होंगे। इंदौर-भोपाल एक्सप्रेसवे, ग्रीनफील्ड कॉरिडोर और मेट्रो विस्तार जैसे प्रोजेक्ट इस योजना का हिस्सा हैं।

‘ब्लू-ग्रीन डेवलपमेंट’ रणनीति के तहत जल और वन संसाधनों की सुरक्षा पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। औद्योगिक क्षेत्रों में जीरो लिक्विड डिस्चार्ज और स्वच्छ ऊर्जा को बढ़ावा देकर पर्यावरण संरक्षण सुनिश्चित किया जाएगा।
मालवा क्षेत्र में उज्जैन, ओंकारेश्वर, मांडू और महेश्वर जैसे धार्मिक स्थलों को जोड़कर एक बड़ा आध्यात्मिक और पर्यटन सर्किट विकसित किया जाएगा। इससे क्षेत्र की अर्थव्यवस्था और स्थानीय रोजगार को बढ़ावा मिलेगा।
इस योजना में अगले 20 से 50 वर्षों की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए डेटा ड्रिवन प्लानिंग को अपनाया गया है। इससे शहरी विस्तार, ट्रैफिक और बुनियादी ढांचे की समस्याओं का पहले से समाधान किया जा सकेगा।