इंदौर में ऑल इंडिया दाल मिल एसोसिएशन द्वारा आयोजित GrainEx India के उद्घाटन समारोह में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने सहभागिता की। इस अवसर पर उन्होंने मध्य प्रदेश के आर्थिक, कृषि और औद्योगिक विकास को लेकर सरकार की व्यापक और दूरदर्शी रणनीति प्रस्तुत की।

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि राज्य सरकार ने अगले पांच वर्षों में मध्य प्रदेश का बजट दोगुना करने का संकल्प लिया है। उन्होंने बताया कि वर्तमान में राज्य लगभग 15 प्रतिशत की विकास दर से आगे बढ़ रहा है। कृषि क्षेत्र में राज्य की GDP में हिस्सेदारी 39 प्रतिशत है, जबकि वार्षिक कृषि विकास दर 16 प्रतिशत से अधिक बनी हुई है, जो प्रदेश की मजबूत कृषि अर्थव्यवस्था को दर्शाती है।

दाल उद्योग और कृषि प्रोसेसिंग को मिलेगा नया विस्तार – निजी क्षेत्र में अनाज मंडी व फूड पार्क स्थापित करने वाले निवेशकों को दी जाएगी पूरी मदद- मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव
मुख्यमंत्री ने दाल उद्योग के महत्व पर जोर देते हुए कहा कि दालें शाकाहारी परिवारों के लिए प्रोटीन का सबसे अहम स्रोत हैं। उन्होंने गर्व के साथ कहा कि भारत दुनिया का सबसे बड़ा दाल उत्पादक और उपभोक्ता देश है। डॉ. यादव ने बताया कि सरकार ने उड़द और मसूर दाल पर टैक्स हटाया है और आने वाले समय में दाल उद्योग को और राहत देने के लिए अतिरिक्त कर प्रोत्साहन पर भी विचार किया जा रहा है।

मध्यप्रदेश, देश का फूड बास्केट है और खाद्यान्न उत्पादन में देश में दूसरे स्थान पर है…- मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव
मुख्यमंत्री ने जानकारी दी कि राज्य सरकार ने इस वर्ष को “किसान कल्याण वर्ष” के रूप में घोषित किया है। उन्होंने घोषणा की कि मसूर और उड़द के उत्पादन पर किसानों को बोनस देने के लिए नई योजना तैयार की जा रही है। साथ ही उन्होंने उद्योगपतियों से आग्रह किया कि वे दाल प्रसंस्करण के लिए आधुनिक मशीनरी और कारखाने मध्य प्रदेश में स्थापित करें, जिसके लिए सरकार हरसंभव सहयोग देगी।

उद्योगों को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से मुख्यमंत्री ने बताया कि श्रम-आधारित उद्योगों में काम करने वाले प्रत्येक मजदूर पर ₹5000 प्रतिमाह की सब्सिडी सरकार द्वारा 10 वर्षों तक दी जा रही है। इसके अतिरिक्त, व्यापारियों और किसानों को अब तक लगभग ₹5000 करोड़ की सब्सिडी डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (DBT) के माध्यम से सीधे उनके खातों में पहुंचाई गई है।

मुख्यमंत्री ने व्यापार और उद्योग को सुगम बनाने के लिए इंदौर-मनमाड़ रेल लाइन को महत्वपूर्ण उपलब्धि बताया। उन्होंने भविष्य में एयर कार्गो सुविधाओं के विकास और हर जिले में फूड पार्क स्थापित करने के लिए सरकारी सहयोग का भी आश्वासन दिया।
डॉ. मोहन यादव ने अपने संबोधन में देवी अहिल्याबाई होलकर के सुशासन का उल्लेख करते हुए कहा कि उनकी सरकार उद्योगपतियों, मजदूरों और गरीबों- तीनों के हितों की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने उदाहरण देते हुए बताया कि सरकार ने हुकुमचंद मिल के 7000 मजदूरों के 30 वर्षों से लंबित बकाया भुगतान का भार स्वयं उठाने का निर्णय लिया है।
मुख्यमंत्री ने अंत में प्रस्ताव रखा कि भोपाल में एक विशेष कार्यशाला आयोजित की जाएगी, जिसमें अधिकारी और व्यापारी सीधे संवाद कर सकेंगे। इसका उद्देश्य नीतियों और व्यवस्थाओं में आ रही व्यावहारिक अड़चनों को दूर करना होगा, ताकि उद्योग और कृषि दोनों को और गति मिल सके। GrainEx India के मंच से मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव का संदेश स्पष्ट था- कृषि, दाल उद्योग, किसान और उद्योगपति, सभी को साथ लेकर मध्य प्रदेश को आर्थिक रूप से मजबूत राज्य बनाना सरकार की प्राथमिकता है।

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कार्यक्रम के पहले स्वामीनारायण मंदिर पहुँचकर दर्शन किए और पूजा-अर्चना की।
कार्यक्रम में ऑल इंडिया दाल मिल एसोसिएशन के अध्यक्ष सुरेश अग्रवाल ने स्वागत भाषण दिया और आभार व्यक्त किया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में उद्योगपति, व्यापारी, दाल मिल संचालक एवं उद्योग जगत से जुड़े अन्य लोग उपस्थित थे।