धर्मनगरी उज्जैन एक बार फिर आस्था और पर्यावरण संरक्षण के संगम का साक्षी बनने जा रही है। “जल गंगा संवर्धन अभियान” के तहत 25 और 26 मई को शिप्रा तीर्थ परिक्रमा और गंगा दशमी महोत्सव का भव्य आयोजन किया जाएगा। इस आयोजन में हजारों श्रद्धालुओं, साधु-संतों और विभिन्न संगठनों की भागीदारी रहेगी।
गंगा दशमी के अवसर पर 26 मई की शाम मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव मां शिप्रा को 351 फीट लंबी चुनरी अर्पित करेंगे। इस दौरान भक्ति संगीत, सांस्कृतिक प्रस्तुतियां और धार्मिक कार्यक्रमों का भी आयोजन किया जाएगा।
25 मई को रामघाट से शिप्रा तीर्थ परिक्रमा यात्रा की शुरुआत होगी, जो दो दिन तक चलेगी। इस यात्रा में श्रद्धालु, साधु-संत, एनसीसी कैडेट्स, स्काउट-गाइड, इतिहासकार और पर्यावरण प्रेमी शामिल होंगे। यात्रा के दौरान शिप्रा तट के पौराणिक तीर्थों के दर्शन-पूजन भी किए जाएंगे।
आयोजन समिति के अनुसार यह अभियान केवल धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि जल संरक्षण और नदी स्वच्छता को जनआंदोलन बनाने का प्रयास है। गांव-गांव चौपाल, नुक्कड़ सभाओं और सोशल मीडिया अभियानों के माध्यम से लोगों को जल संरक्षण के प्रति जागरूक किया जा रहा है।
प्रशासन द्वारा नर्मदा-शिप्रा लिंक योजना, सीवरखेड़ी डैम और शिप्रा नदी में गंदे पानी के प्रवाह को रोकने जैसी कई महत्वपूर्ण परियोजनाओं पर भी कार्य किया जा रहा है। उद्देश्य नदी संरक्षण और पर्यावरण सुधार को मजबूत करना है।
आयोजन समिति ने प्रदेशवासियों से अपील की है कि वे इस महाअभियान से जुड़कर जल संरक्षण और पर्यावरण बचाने में अपनी सक्रिय भागीदारी निभाएं और इस ऐतिहासिक आयोजन का हिस्सा बनें।